नोटबंदी के विरोध में ट्रेनें रोकीं

खगड़िया : नोटबंदी के कारण देश में फैले अराजकता व आर्थिक मंदी के विरोध में जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन पहुंच कर इंटर सीटी एक्सप्रेस ट्रेन को रोककर विरोध प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं का नेतृत्व युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी एवं जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोहर यादव […]

खगड़िया : नोटबंदी के कारण देश में फैले अराजकता व आर्थिक मंदी के विरोध में जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन पहुंच कर इंटर सीटी एक्सप्रेस ट्रेन को रोककर विरोध प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं का नेतृत्व युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी एवं जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोहर यादव ने किया. वहीं स्टेशन परिसर में प्रदर्शनकारियों ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आजतक विश्व के किसी भी देश में कैशलेस व्यवस्था सफल नहीं हुआ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासी से सामान्य जनजीवन के लिए 50 दिन का वक्त मांगा था, लेकिन आज तक समस्या जस का तस बना हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र हते हैं कि नोटबंदी से कालाधन पर अंकुश लगेगा. सर्वे के अनुसार 46 प्रतिशत धन जमीन में 26 प्रतिशत धन सोना चांदी हीरे के जेवरात के रूप में लोग रखते हैं. मात्र 4 प्रतिशत धन ही लोग कैश के रूप में रखते हैं. मात्र चार प्रतिशत धन को रोकने के लिए प्रधानमंत्री 130 करोड़ जनता को इस भीषण समस्या से रूला रहे हैं. बेनेजुएला जैसे छोटे देश में भी राष्ट्रपति द्वारा नोटबंदी की घोषणा की गयी थी,

लेकिन जब देश की जनता सड़क पर उतर कर आंदोलन करने लगे तो मात्र 10 दिन के अंदर अपने घोषणा को वापस ले लिया. वहीं युवा शक्ति के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह ने कहा कि भारत सरकार आतंकवाद को रोकने के लिए नोटबंदी सेना के काफिले पर अबतक तीन बार हमला कर चुका है. इस कारण कई सेना के जवान शहीद हो गये है. वहीं, जन अधिकार पार्टी के प्रदेश सचिव सुधांशु यादव ने कहा कि सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक सहित रिजर्व बैंक के आला अधिकारी ही हेराफेरी करते पकड़े जाते हैं. प्रदर्शन में जाप प्रवक्ता चंद्रशेखर कुमार, रवि शंकर चौधरी, शिव पाल यादव, सुनील चौरसिया युवा शक्ति उपाध्यक्ष मनीष कुमार, अभय कुमार गुड्डू, चंदन पासवान, पप्पु यादव, संजय सिंह, रणवीर कुमार, दीपक चंद्रवंशी, नंद किशोर यादव, रंजन मालाकार आदि शामिल थे.

बेलदौर : नोटबंदी के 40वें दिन लोगों को सरकार के नये आदेश से झटका लगा, सरकार के इस निति से देश के भविष्य पर भले ही साकारात्मक असर पड़े, लेकिन बैंकों में नोट जमा कराने को लग रही भीड़ से बचने के लिए अब तक पुराने नोट जमा नहीं करने वाले लोगों को झटका लगा है. इसका असर ग्रामीण इलाके में हुआ है.
इस संर्दभ में दिघौन मुखिया हरिशंकर रजक, बोबिल मुखिया संगीता देवी, बेलदौर मुखिया कुमारी बेबी रानी ने बताया कि मंगलवार को पुराने नोट जमा कराने बैंक पहुंचे लोगों से पुराने नोट लेने से बैंककर्मियों ने साफ इंकार कर दिया. इससे लोगों के चेहरे के रंग उड़ गये. सरकार ने जब 50 दिनों का समय दिया तो 10 दिन पूर्व ही नये नये नियमों को जबरदस्ती लागू कर अब लोगों को परेशानी में डाल रहा है.
एसबीआइ के रोकड़पाल पदाधिकारी अभिमोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार से लागू हुए सरकार के नये दिशा निर्देशानुसार उपभोक्ताओं को अपने खाते में 30 दिसंबर के पहले तक एक बार ही मात्र 5000 रुपया तक पुराने नोट जमा करने की छूट मिली है.

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