पंचायत की योजनाओं में गोलमाल

कार्रवाई . डीएम के निर्देश पर जिलास्तरीय टीम ने की योजनाओं की जांच जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिलास्तरीय टीम ने गोविंदपुर पंचायत की योजनाओं में हुई अनियमितता की जांच की. आरोप है कि कई योजनाओं को अपूर्ण छोड़ दिया गया व कुछ को तो सिर्फ कागजों में किया है. परबत्ता : प्रखंड के गोविन्दपुर […]

कार्रवाई . डीएम के निर्देश पर जिलास्तरीय टीम ने की योजनाओं की जांच

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिलास्तरीय टीम ने गोविंदपुर पंचायत की योजनाओं में हुई अनियमितता की जांच की. आरोप है कि कई योजनाओं को अपूर्ण छोड़ दिया गया व कुछ को तो सिर्फ कागजों में किया है.
परबत्ता : प्रखंड के गोविन्दपुर पंचायत अंतर्गत पंचायत की योजनाओं में अनियमितता एवं पारदर्शिता के अभाव के आरोपों की जांच करने के लिये सोमवार को जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम ने मौके पर आकर योजनाओं की जांच की. जांच टीम में परबत्ता प्रखंड प्रभारी सह वरीय उपसमाहर्ता वासुदेव कश्यप, जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता नीरज कुमार, कनीय अभियंता संजय कुमार शामिल थे. जिला स्तरीय टीम ने जांच के दौरान कई योजनाओं के संचालन में गड़बड़ियां पाया.
क्या है मंच के सदस्यों का आरोप
गोविन्दपुर पंचायत में संचालित योजनाओं के बारे में जब सक्षम प्राधिकार से सूचना का अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त हुई तब पता चला कि अधिकांश योजनाओं को अपूर्ण रुप में ही छोड़ दिया गया है. वहीं कुछ योजनाओं को तो जमीन पर संचालित ही नहीं किया गया है. मंच के सदस्यों का आरोप है कि मुखिया तथा पंचायत सचिव की मिलीभगत से कई योजनाओं में बिना कार्य किये ही योजना की पूरी राशि ही डकार ली गयी.
कार्य किये बिना निकासी का आरोप. तेरहवां वित्त आयोग की राशि से योजना संख्या 04/2015-16 में 3 लाख 74 हजार 8 सौ रुपये राशि से बजरंग बली स्थान पूबारी टोला वार्ड संख्या छ: एवं आठ से अमीरी चौधरी के घर होते हुए नरेश चौधरी के घर तक सड़क में ईंट सोलिंग का मरम्मती एवं पीसीसी ढलाई कार्य में 3 लाख 7 हजार रुपये की निकासी कर ली गयी. जबकि आरोप है कि इसमें एक रुपये का कार्य नहीं हुआ है. जांच समिति ने इस राशि को लौटाने का निर्देश दिया.
टुकड़ों में योजना का संचालन
योजना संख्या 01/2013-14 में सदानंद चौधरी के घर से सुनैना गुरुजी के घर होते हुए काली स्थान तक पीसीसी कार्य पार्ट एक में 2 लाख 98 हजार 3 सौ रुपये के प्राक्कलन में 2 लाख 97 हजार 6 सौ 22 की निकासी की गयी. जबकि इस योजना को दो पार्ट में दिखाकर योजना संख्या 02/2013-14 में सदानंद चौधरी के घर से सुनैना गुरुजी के घर होते हुए काली स्थान तक पीसीसी कार्य पार्ट दो में प्राक्कलित राशि 2 लाख 72 हजार 9 सौ रुपये में 2 लाख 60 हजार 7 सौ 48 रुपये की निकासी की गयी. इस योजना को पूर्ण दिखाया गया है. इस योजना के भी अधूरा छोड़ देने का आरोप है.
खुद अभिकर्ता बन गये मुखिया जी. योजना संख्या 01/2011-12 में पंचायत भवन गोविन्पुर की मरम्मती bपुतायी कार्य में 15 हजार की योजना में 7 हजार निकासी की गयी. इसमें मुखिया जी स्वयं अभिकर्ता बन गये.
बीस प्रतिशत काम और निकासी पूरी. योजना संख्या 03/2013-14 में खादी भंडार से राजाराम मिश्र के घर होते हुए मध्य विद्यालय उत्तर के गड्ढा तक पक्की नाला निर्माण कार्य को पूर्ण बताकर 2 लाख 54 हजार 9 सौ रुपये में से 2 लाख 37 हजार 9 सौ 65 रुपये की निकासी कर ली गयी. इस कार्य में केवल 20 प्रतिशत कार्य कर राशि निकाल ली गयी.
योजनाओं का हुआ अवैध विखंडन
योजना संख्या 01/2014-15 में बीआरजीएफ की 4 लाख 26 हजार 3 सौ की राशि से मंडल टोला में सुधीर चौधरी के घर से बजरंगबली स्थान होते हुए अनिल कुंवर घर तक सड़क में पीसीसी कार्य में 3 लाख 7 हजार रुपये की निकासी की गयी. इस सड़क के निर्माण में एक अन्य योजना संख्या 02/2014-15 में अनुज कुंवर के घर से रविन्द्र चौधरी के घर होते हुए अनिल चौधरी के घर तक पीसीसी कार्य बताकर पुन: 3 लाख 92 हजार 9 सौ प्राक्कलित राशि में से 2 लाख 64 हजार रुपये निकासी की गयी
चंदा से बनी सड़क की हुई निकासी
योजना संख्या 03/2013-14 में कन्हैयाचक में आरईओ सड़क से गुजो रजक के घर तक मिट्टी ईंट सोलिंग निर्माण कार्य में 99 हजार 8 सौ रुपये की प्राक्कलित राशि में से 87 हजार की निकासी की गयी. मंच के सदस्यों का आरोप है कि यह कार्य ग्रामीणों के आपसी चंदा से किया गया है.
कहते हैं पंचायत सचिव
गोविन्दपुर पंचायत के पंचायत सचिव इन्द्रदेव सिंह ने बताया कि यह उनके पंचायत में योगदान करने से पूर्व का मामला है. इस बारे में गांव के कुछ लोगों ने इन योजनाओं के अभिलेखों की प्रति के लिये सूचना का अधिकार के तहत आवेदन दिया था. आवेदक को ससमय सूचना उपलब्ध करा दी गयी है. इस बारे में अभिलेखों के पुनर्विलोकन के पश्चात ही विस्तार से कुछ बताया जा सकता है. वहीं भ्रष्टाचार उन्मूलन मंच के अध्यक्ष पवन कुमार चौधरी, पूर्व पंसस संजू भारती ने कहा कि पंचायत की योजनाओं में भ्रष्टाचार एक अकेला मुद्दा नहीं है. यहां पंचायती राज की अवधारणा को भी समाप्त किया जा रहा है.
प्रखंड शिक्षक को बनाया गया अभिकर्ता
इन योजनाओं में नियम विरुद्ध तरीके से पंचायत शिक्षक को अभिकर्ता बना दिया गया. जबकि सरकारी नियम के अनुसार संविदा पर नियुक्त या नियोजित शिक्षक को किसी भी योजना में अभिकर्ता नहीं बनाया जा सकता है.इसके साथ ही यह व्यावहारिक रुप से भी संभव नहीं है कि किसी शिक्षक को स्कूल अवधि में अभिकर्ता बनाया जाय. इस वजह से पठन पाठन भी बाधित हो सकता है.

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