रविवार से बाइक चालक जुगाड़ पुल के सहारे नदी पार कर सकेंगे. वहीं नदी के जलस्तर में आयी गिरावट के कारण घाट सिकुड़ कर महज 100 से 150 फीट ही रह
गयी है.
खगड़िया : अस्थायी रूप से बनाये गये जुगाड़ पुल की हो रही मरम्मत के कारण शनिवार को बाइक चालकों को नाव से नदी पार करना पड़ा, जबकि पैदल लोग सेवा शुल्क देकर जुगाड़ पुल से ही जैसे तैसे नदी पार किया. बीते एक सप्ताह से लोग अधिकतर अर्द्धनिर्मित जुगाड़ पुल से बाइक को आर पार करा रहे थे. हालांकि सैरात को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही कार्रवाई से नाव पुल संचालक द्वारा इसके निर्माण कार्य में थोड़ी सुस्ती आ गयी है. बावजूद सैरात लेने के मंसूबे के साथ ही पैदल समेत बाइक चालकों को नदी पार कराने में जुटे हुए हैं.
नाव पुल संचालक राहिण सहनी ने बताया कि मजदूर जुगाड़ पुल के मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं.
बांस बल्ले के कमी से काम की गति थोड़ा धीमा है. रविवार से बाइक चालक जुगाड़ पुल के सहारे नदी पार कर सकेंगे. वहीं नदी के जलस्तर में आयी गिरावट के कारण घाट सिकुड़ कर महज 100 से 150 फीट ही रह गयी है. बालू के छाड़न में नाव अटक जाने से नाविक को मशक्कत कर फंसे नाव को छाड़न से बाहर निकालकर घाट तक पहुंचाना पड़ता है. इस दौरान लोगों को भी परेशानी होती है. वहीं जुगाड़ पुल के अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाने के कारण बाइक चालक संकटों के बीच जुगाड़ पुल पार करते हैं. इस संदर्भ में नाव संचालक रोहिण ने बताया कि 17 दिसंबर को सैरात बंदोबस्ती की खबर मिली है, इसके बाद ही कोई ठोस पहल हो पायेगा .
पांव पैदल को 10 रुपये व बाइक के 20 रुपये चुकाने पड़ते हैं जुगाड पुल पर
लोगों को घाट से लेकर सड़क तक पौने किलोमीटर रेत पर चलना पडता है
