लाखों खर्च हो रहे बेकार साबित

अनदेखी. राजेंद्र सरोवर उद्यान में आम लोग नहीं, टहल रहे हैं जानवर तत्कालीन डीएम अजीत कुमार सिन्हा व सदर एसडीओ संतोष मैथ्यू के प्रयास से सन्हौली स्थित पोखर में लाखों रुपये खर्च कर राजेंद्र सरोवर उद्यान का निर्माण किया गया था, जहां आजकल जानवर टहल रहे हैं. खगड़िया : ला प्रशासन तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि के […]

अनदेखी. राजेंद्र सरोवर उद्यान में आम लोग नहीं, टहल रहे हैं जानवर

तत्कालीन डीएम अजीत कुमार सिन्हा व सदर एसडीओ संतोष मैथ्यू के प्रयास से सन्हौली स्थित पोखर में लाखों रुपये खर्च कर राजेंद्र सरोवर उद्यान का निर्माण किया गया था, जहां आजकल जानवर टहल
रहे हैं.
खगड़िया : ला प्रशासन तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि के उदासीन रवैये के कारण सरोवर बदहाल है. उद्यान का नामोनिशान तक मिट गया है. सरोवर के चारों ओर सीमेंट के बैंच का निर्माण व चारों ओर फूलों का गमला लगाया गया. उद्यान में मनोरंजन के लिए दो बोट मंगवाया गया. समय बीतने के साथ ही सीमेंट के बेंच के अवशेष नजर आ रहे हैं. बेंच टूट गयी. फुलों का गमला भी फूट गया. वन विभाग द्वारा लगाये गये वृक्ष रख रखाव के कारण सूख गये. लाखों रुपये की लागत के दो मोटर बोट भी पानी में सड़ गये, लेकिन जनप्रतिनिधि से लेकर जिला प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी नजरें फेर ले रहे हैं. शहर का एक मात्र उद्यान का हाल बेहाल है. पोखर में बीते कई वर्षों से मवेशियों का स्नानागार बन गया है.
खास बातें
1988 में राजेंद्र सरोवर उद्यान का हुआ निर्माण
टूट गयी कुरसी, फूट गया फुलों का गमला
उद्यान बन गया मवेशियों का स्नानागार
दो मोटर बोट भी गायब, सैर तो दूर की बात
उद्यान की जमीन का हो रहा है अतिक्रमण
उद्यान के प्रति जनप्रतिनिधि से लेकर जिला प्रशासन उदासीन
कहते हैं स्थानीय लोग
जिला जदयू प्रवक्ता अरविन्द मोहन, रांकों के मुखिया प्रतिनिधि कारेलाल यादव, डॉ विद्यानंद दास, आनंद कुमार सिंह, मनीष कुमार ने बताया कि सन्हौली गांव में पार्क के निर्माण होने से एक मिसाल कायम हो गया था. दूर दराज के लोग इस उद्यान को देखने आते थे, लेकिन आज इस सरोवर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. स्थानीय लोग द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है.
कहते हैं एसडीओ
एसडीओ शिव कुमार शैव ने बताया कि इस संबंध में बहुत जानकारी नहीं है. सदर सीओ से जानकारी ली जायेगी. इसके जीर्णोद्धार को लेकर डीएम व डीडीसी को प्रस्ताव भेजा जायेगा.

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