कैसे मंगलमय होगी यात्रा

ईद के बाद प्रदेश लौटने लगे लोग, िटकट के लिए मारामारी नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट, इ-टिकट के लिए भी ट्रेवल एजेंसी का लगा रहे चक्कर. जिन परदेशियों ने घर आने से पूर्व ही रिर्टनिंग टिकट कटा रखा है उनकी यात्रा तो मंगलमय हो रही है लेकिन जिनके पास रिर्टनिंग टिकट नहीं है उन्हें टिकट […]

ईद के बाद प्रदेश लौटने लगे लोग, िटकट के लिए मारामारी

नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट, इ-टिकट के लिए भी ट्रेवल एजेंसी का लगा रहे चक्कर. जिन परदेशियों ने घर आने से पूर्व ही रिर्टनिंग टिकट कटा रखा है उनकी यात्रा तो मंगलमय हो रही है लेकिन जिनके पास रिर्टनिंग टिकट नहीं है उन्हें टिकट के लिए काउंटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
खगड़िया : ईद का त्योहार अपने परिजनों के साथ मनाने आये परदेशी अब वापस लौटने लगे हैं. जिसके कारण ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जा रही है. रेलवे स्टेशन पर काफी संख्या में प्रदेश लौटने वाले अपने सामान व परिजनों के साथ इधर -उधर भटकते देखे जा रहे हैं. परदेश से आये लोगों के लौटने के कारण टिकट काउंटर पर भी यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है. जिन परदेशियों ने घर आने से पूर्व ही रिर्टनिंग टिकट कटा रखा है
उनकी यात्रा तो मंगलमय हो रही है. लेकिन जिनके पास रिर्टनिंग टिकट नहीं है उन्हें टिकट के लिए काउंटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है. दिल्ली तथा मुंबई की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में जुलाई माह का कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है. ऐसे में यात्रियों के समक्ष तत्काल टिकट ही एक मात्र सहारा बना है.
हालांकि तत्काल टिकट मिलना भी काफी मुश्किल है. चंद मिनटों में अगर टिकट बन गया तो यात्री की यात्रा मंगलमय हो गयी अन्यथा उसे अगले दिन का इंतजार करना पड़ रहा है. यात्रियों के परदेश लौटने के कारण सभी ट्रेनें खचाखच भरी नजर आ रही है. ट्रेनों पर चढ़ना -उतरना भी काफी मुश्किल हो रहा है. वहीं प्लेटफॉर्म पर भी यात्रियों की भारी भीड़ दिख रही है.
दिल्ली जाने वाले याित्रयों को परेशानी
दिल्ली तथा मुंबई से अपने घर ईद मनाने आये लोगों को वापस जाने में अधिक परेशानी हो रही है. जिन लोगों ने पूर्व में टिकट नहीं कराया था. उन्हें अब कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है. ऐसे में वे बार-बार काउंटर का चक्कर लगाते देखे जा रहे है. लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल रहा है. ऐसे में वे अपनी यात्रा स्थगित करने को विवश हैं. दिल्ली की ओर जाने वाली संपूर्ण क्रांति, विक्रमशिला, अवध असम एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्रा सहित विभिन्न गाड़ियों में जुलाई माह कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है. ऐसे में यात्रियों की यात्रा कैसे मंगलमय होगी.
तत्काल टिकट ही एकमात्र सहारा
प्रदेश लौटने वाले यात्रियों के लिए तत्काल टिकट ही एक मात्र सहारा है. तत्काल टिकट के लिए यात्री सुबह से ही कतार में खड़े हो जा रहे हैं. बावजूद इसके उन्हें टिकट नहीं मिल रहा है. काउंटर पर तत्काल टिकट के लिए लाइन लगाये अधिकांश लोगों को बिना टिकट ही लौटना पड़ रहा है.
चंद मिनटों में ही तत्काल टिकट के उपलब्ध सीट फुल हो जा रहा है. ऐसे में कई यात्री कैफे वालों से भी संपर्क साध रहे हैं. वे इंटरनेट के माध्यम से तत्काल टिकट बनवाने में लगे हुए हैं. हालांकि इसके लिए उन्हें मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है, लेकिन इसका लाभ भी अधिकांश यात्रियों को नहीं मिल रहा है.

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