जानकारी. 31 िदसंबर तक बेदखल परचाधारियों को मिलेगा दखल
खगड़िया : परचे की जमीन से बेदखल भूमिहीन परचाधारियों को अब 31 दिसंबर तक जमीन पर दखल दिलायी जायेगी. जमीन से बेदखल परचाधारियों को उक्त जमीन पर दखल दिलाने के लिए राज्य सरकार के द्वारा वर्ष 2014 में ही अभियान चलाया गया था. इस अभियान का नाम आॅपरेशन भूमि दखल दहानी रखा गया था. विभागीय जानकारी के मुताबिक जिले के साथ साथ राज्य के अन्य जिले के बेदखल परचाधारियों को भी दखल दिलाने के राज्य व्यापी अभियान चलाया गया था.
इसके तहत वर्ष 2015 में ही सभी परचाधारियों को दखल दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं होने के कारण राज्य स्तर से तीसरी बार इस समय सीमा में बढ़ोतरी की गयी है. पहले 30 जून 2016 का समय दिया गया था. जिसे बढ़ा कर अब 31 दिसंबर 2016 कर दिया गया है राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने इस संबंध में 31 दिसंबर तक बेदखल परचाधारियों को जमीन पर दखल दिलाने का निर्देश जारी किया है
लगाये जायेंगे शिविर : जिले के सभी पंचायतों में शिविर लगाकर चिन्हित बेदखल परचाधारियों को जमीन पर दखल दिलाने का आदेश जारी किया गया है.
कई कारणों से प्रभावित हुआ अभियान
आॅपरेशन भूमि दखल दहानी को 21 माह पूर्व आरंभ किया गया था लेकिन यह अभियान कई कारणों से प्रभावित रहा है. जिस कारण शत प्रतिशत परचाधारियों को दखल दिलाने में जिला प्रशासन को सफलता नहीं मिल पाई है. पिछले साल मार्च व अप्रैल माह में आये तूफान,ओलावृष्टि, अप्रैल व मई माह में आये भूकंप के कारण राहत कार्य चलाने की वजह से यह अभियान काफी प्रभावित रहा था. इसके बाद विधान सभा व हाल के ही दिनों में संपन्न हुए पंचायत के कारण इस अभियान में प्रगति नहीं हो पायी है.
व्यापक पैमाने पर होगा प्रचार-प्रसार
प्रधान सचिव ने पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले इस शिविर में सीओ को स्वयं पुलिस बल के साथ उपस्थित होकर दखल दहानी कार्य का निष्पादन करने का आदेश दिया है. प्रधान सचिव के दखल दहानी के लिए लगने वाले शिविर का व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार कराने का भी निर्देश दिया है. ताकि इस शिविर में अधिक से अधिक लोग भाग ले सके.
उन्होंने प्रचार प्रसार करने में विकास मित्र, टोला सेवक, पंचायत प्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकताओं की मदद लेने को कहा है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने अभियान भूमि दखल दहानी को अति महत्वपूर्ण योजना बताते हुए. डीएम सहित जिले के सभी राजस्व से संबंधित वरीय पदाधिकारी को इस अभियान की नियमित रूप से समीक्षा करने तथा राज्य स्तर से जारी निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन कराने का निर्देश दिया है.
