डीएम ने डीडीसी से मांगी थी 15 दिनों में रिपोर्ट
खगड़िया : आत्मा के परियोजना निदेशक सनत दूबे पर लगे आरोपों की जांच अब तक पूरी नहीं हो पायी है. दूबे के विरुद्ध लगे आरोपों की जांच के लिए समय सीमा निर्धारित की गयी थी. वो समय भी पहले समाप्त हो गयी, लेकिन जांच पदाधिकारी से डीएम को जांच रिपोर्ट अप्राप्त है. सूत्रों के मुताबिक आत्मा के परियोजना निदेशक के विरुद्ध अप्रैल माह में ही डीएम ने जांच के आदेश दिये थे. तत्कालीन डीएम साकेत कुमार ने डीडीसी को इस मामले की जांच कर 15 दिनों में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. चार माह बीत गये हैं, लेकिन अब तक जांच पदाधिकारी ने डीएम को अपनी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है. इधर, डीडीसी को स्मार पत्र भी भेजा जा चुका है.
गड़बड़ी का आरोप : परियोजना निदेशक के विरुद्ध बाहरी नहीं बल्कि इनके कार्यालय के ही एक महत्वपूर्ण कर्मी ने इनपर कई गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम से लिखित शिकायत की थी. जिस पर डीएम ने डीडीसी को जांच के निर्देश दिये थे. सूत्र के मुताबिक आत्मा कार्यालय के लेखापाल राजीव कुमार रंजन ने परियोजना निदेशक पर नियम के विपरीत कार्य करने, प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. लेखापाल ने डीएम को दिये आवेदन में इस बात का उल्लेख किया था कि परियोजना निदेशक गेहूं के प्रत्यक्षण कार्य में अनियमितता बरत रहे हैं. निर्धारित दर से अधिक राशि पर वाहन रखने,
कम मूल्य की सामग्री का क्रय कर उसे अधिक मूल्य दिखाकर वितरण करने, एक वर्क ऑर्डर का भुगतान गलत मंशा से कई चेक के जरिये भुगतान करने सहित चेक बुक अपने पास रखने जैसे गंभीर आरोप लगाये थे. यहां बताते चले कि परियोजना निदेशक दूबे ने तब भी लेखापाल के इस आरोप को बेबुनियाद तथा इन पर साजिश रचने का आरोप लगाया था और अब भी ऐसे आरोपों को खारिज किया है.
