दर्जनों जगहों पर स्लैब टूटा

अनदेखी. स्टेशन रोड पर चलना खतरे से खाली नहीं अभी ठीक से बारिश भी नहीं हुई लेकिन शहर की मुख्य सड़कें जलजमाव की चपेट में स्टेशन रोड में चलना भी मुश्किल, कई सड़कों पर कीचड़ व जलजमाव की समस्या नगर परिषद क्षेत्र की सड़कों की स्थिति चलने लायक नहीं रह गयी है. जिससे इन सड़कों […]

अनदेखी. स्टेशन रोड पर चलना खतरे से खाली नहीं

अभी ठीक से बारिश भी नहीं हुई लेकिन शहर की मुख्य सड़कें जलजमाव की चपेट में
स्टेशन रोड में चलना भी मुश्किल, कई सड़कों पर कीचड़ व जलजमाव की समस्या
नगर परिषद क्षेत्र की सड़कों की स्थिति चलने लायक नहीं रह गयी है. जिससे इन सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है. पूरे शहर में सड़क पर कहीं स्लैब टूटे पड़े हैं तो कहीं सड़क की हालत खास्ता है. इधर, सड़क के किनारे बने नाले की स्थिति नारकीय बनी हुयी है.
खगड़िया : नगर परिषद क्षेत्र की सड़कों की स्थिति चलने लायक नहीं रह गयी है. जिससे इन सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है. पूरे शहर में सड़क पर कहीं स्लैब टूटे पड़े हैं तो कहीं सड़क की हालत खास्ता है.
इधर, सड़क के किनारे बने नाले की स्थिति नारकीय बनी हुयी है. तो उधर नाले का पानी सड़क पर फैल जाने के कारण जलाशय सदृश्य दिखता है. सिर्फ स्लैब की बात करें तो शहर के जय प्रकाशनगर के नाला रोड स्थित नाले का स्लैब, जेएनकेटी इंटर विद्यालय चौक, मील रोड मुख्य हनुमान मंदिर के पास, एसडीओ रोड के जनता महावीर चौक के पास, विद्याधार के निबंधन सहयोग समितियां के आगे के मोड़ पर, सागरमल चौक पर साहा बुक डिपो के पास,
स्टेशन रोड स्थित पथिक होटल के आर पार, माल गोदाम स्थित सब्जी मंडी के पास, मुर्गियाचक के मुख्य द्वार झंकार ड्राई क्लिनर के पास आदि दर्जनों जगह हैं जहां पर स्लैब टूटने के कारण इन सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है. इधर, शहर के नालियों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है.
स्टेशन रोड में चलना भी मुश्किल
शहर की व्यस्त सड़क में शुमार स्टेशन रोड भी इन दिनों चलने लायक नहीं है. जो सड़क बनी हुई थी उस पर भी गड्ढा खोद छोड़ दिये जाने से मुसीबत बढ़ गयी है. वैसे भी स्टेशन रोड में गड्ढे ही गड्ढे हैं. लेकिन दक्षिणी हिस्से में सड़क पर गड्ढा कर छोड़ दिये जाने के कारण परेशानी बढ़ गयी है. कोई यह बता नहीं रहा है कि कब तक सड़क दुरुस्त होंगे. इधर, बरसात के कारण गड्ढे से लैस इन सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है.
कहते हैं सभापति
कार्यपालक पदाधिकारी की लापरवाही के कारण शहर की स्थिति खराब है. रोड नहीं बन रहे हैं, नालियां नहीं साफ हो रही है. जानबुझ कर शहर को नरक बनाने पर तूली कार्यपालक पदाधिकारी को विकास के काम से कोई लेना देना नहीं हैं. फिर भी शहर को सुंदर बनाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं. कई जगहों पर नालियों का निर्माण कराया गया है.
मनोहर कुमार यादव, नगर सभापति
सब गलत बात है. उनके कार्यकाल में विकास के कितने काम हुए यह गिनाने की कोई जरूरत नहीं है. मेरे कारण कोई योजना नहीं अटकी पड़ी है. झूठे आरोप लगा कर छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है.
पूनम कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी.

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