लापरवाही . ट्रेन की बोगी के गेट पर बिना बुक किया रखा जाता है सामान
बिना बुक कराये सामान ढोने वालों की मनमानी बढ़ गयी है. इससे रेल यात्रियों को परेशानी हो रही है. ट्रेन के गेट पर बिना बुक किये सब्जी व अन्य सामान की बोरियां रख दी जाती हैं, लेकिन इस ओर जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं.
खगड़िया : बिना बुक सामान ढोने वालों की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है कि लोगों का ट्रेन में चढ़ना भी दुश्वार हो गया है. ट्रेन के गेट पर रखी लकड़ियां,
बिना बुक आम से लेकर परवल, चावल आदि की बोरियां रेलवे के सुहाना सफर को खतरनाक बना रही है. स्थिति यह है कि पैसा लेने के बाद जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारी इस ओर झांकते तक नहीं हैं. लिहाजा यात्रियों को गेट की बजाय खिड़की होकर ट्रेन की बोगियों में प्रवेश करना पड़ रहा है. बोगी में आदमी के साथ-साथ जानवर भी यात्रा कर रहे हैं. सामान रखने वाली एसएलआर बोगी में भीड़ इतनी रहती हैं कि भेड़-बकरियों के ठूंसे जाने का एहसास करा जाती है.
रेलवे लाइन पर खड़े होकर इंतजार करने से लेकर इंजन पर सफर को सुहाना सफर कैसे कहा जा सकता है. जेब गरम करने की चाहत में रेल प्रशासन की चुप्पी यात्रियों के लिये मुसीबत बन गयी है. अवैध वसूली से मिली रकम लेकर अधिकारी मौज कर रहे हैं वहीं रेलयात्री कराहने को विवश हैं.
शुक्रवार को भी जारी रहा अवैध वसूली
खगड़िया स्टेशन अधीक्षक प्रवीण कुमार द्वारा डीआरएम को त्राहिमाम संदेश भेजे जाने के बाद भी बिना बुक सामानों से अवैध वसूली का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा. और दिन की तरह शुक्रवार को भी प्राइवेट गुर्गें वसूली करते नजर आये. इधर, एसएस द्वारा डीआरएम को भेजे गये पत्र में साफतौर पर कहा गया है कि जीआरपी, आरपीएफ व टीसी की मिलीभगत से रखे गये प्राइवेट गुर्गें के माध्यम से लाखों की अवैध वसूली हो रही है.
खगड़िया में रेलवे अधिकारी व सुरक्षा बलों के आंखों के समाने रेलवे को प्रत्येक माह लाखों का चूना लग रहा है. बताया जाता है कि प्रत्येक महीने लाखों की राशि जीआरपी, आरपीएफ व टीसी की जेब में जा रहे हैं. पूरा मामला रेल में चल रहे अवैध वसूली के खेल से जुड़ा हुआ है. डीआरएम को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि शाम के छह बजे पहुंचने वाली सहरसा से समस्तीपुर जाने वाली सवारी गाड़ी से रोज करीब 100 क्विंटल बिना बुक सामान उतारे जा रहे हैं.
जिससे प्राइवेट गुर्गें अवैध वसूली करते हैं. ऐसे कई ट्रेनों में बिना बुक सामानों की आवाजाही से लाखों की राशि जेब में जा रहे हैं. जबकि अगर इन सामानों को बुक करवा कर ट्रेन से आवाजाही होती तो रेलवे को लाखों रुपये राजस्व प्राप्त हो सकते हैं. हालांकि रेल थानाध्यक्ष, आरपीएफ अधिकारी सहित स्टेशन पर तैनात टीसी ने अवैध वसूली से इनकार करते हुए सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया है.
हिस्सेदारी में गुम हुई कार्रवाई की फाइल : अवैध वसूली के कारोबार से मिलने वाली लाखों की राशि में सबको समय पर हिस्सा मिलते रहने से जल्दी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है. खगड़िया स्टेशन पर भी सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था लेकिन इसी बीच स्टेशन अधीक्षक प्रवीण कुमार द्वारा रेल में अतिक्रमण सहित इस तरह के अवैध वसूली रोकने के लिये सख्ती किये जाने के बाद मामले का भंडाफोड़ हुआ कि किस तरह रेलवे सुरक्षा बल, रेल पुलिस व टीसी की मिलीभगत से खगड़िया रेलवे स्टेशन पर अवैध वसूली का काला कारोबार चल रहा है.
