जमीन के बाद अब जलकर होंगे अतिक्रमण मुक्त

खगड़िया : पोखर, झील, मोइन, आहर, पईन, नहर, नाला, जल निस्सरण संरचना तथा नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया गया है. राज्य स्तर से आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोड मैप के तहत शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक जल निकासी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ‘अभियान जल निकाय संरक्षण’ चलाने का आदेश […]

खगड़िया : पोखर, झील, मोइन, आहर, पईन, नहर, नाला, जल निस्सरण संरचना तथा नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया गया है. राज्य स्तर से आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोड मैप के तहत शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक जल निकासी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ‘अभियान जल निकाय संरक्षण’ चलाने का आदेश जारी किया गया है. इस अभियान के तहत उक्त सभी जल स्रोतों को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराया जाएगा.

जानकारी के अनुसार जिले में ऐसे पोखर, मोईन, आहर, पईन, नहर, नाला, जल निस्सरण संरचना आदि की संख्या सैकड़ों में है जिन पर काफी समय से दबंगों का अवैध कब्जा बना हुआ है. कहीं कहीं तो भू माफिया ने ऐसे सार्वजनिक जल निकायों का गलत तरीके से अपने नाम पर अवैध जमाबंदी भी कायम करवा ली है.

अब ऐसे जगहों को अपने कब्जे में लेने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर इनके विरुद्ध कार्रवाई करने तथा सार्वजनिक नदी, नालों, आहर, पइन, नहर, जल निस्सरण संरचना आदि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा 16 जून 2016 को जारी किया गया है.

होगी जमाबंदी रद्द : अगर जिले में सार्वजनिक जल स्रोतों की पूरी जमीन अथवा किसी हिस्से की जमीन की जमाबंदी कायम करा ली गई है तो अभियान चलाकर ऐसे जमीन की जामबंदी रद्द करने की कार्रवाई भी करने का आदेश जारी किया गया है. डीएम ने सभी सीओ को ऐसी जमाबंदी को रद्द करने का प्रस्ताव समय सक्षम पदाधिकारी के पास जमा करने तथा इसकी सूचना प्रपत्र दो में जिला स्तर पर भेजने का निर्देश दिया है.
डीएम ने 15 जुलाई तक यह कार्यवाही पूरी करने को कहा है. सार्वजनिक जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए संचालित ‘अभियान जल संरक्षण निकाय’ को अतिमहत्वपूर्ण बताते हुए डीएम ने इस अभियान को लेकर दिये गये आदेशों का अनुपालन शत प्रतिशत कराने को कहा है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
31 जुलाई लक्ष्य निर्धारित किया गया
डीएम ने 15 जुलाई तक जिले में मौजूद जलकर या जल स्रोतों की सूची तैयार करने तथा 31 जुलाई तक अतिक्रमण युक्त जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश जारी किया है. डीएम ने सभी सीओ को अभियान चलाकर यह पता लगाने को कहा है कि कहां कहां लोगों ने जल स्रोतों का अतिक्रमण किया है. पता लगाने के लिए बीडीओ के पास उपलब्ध जीपीएस की भी मदद लेने को कहा है. नापी की व्यवस्था करने के साथ साथ बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 के तहत वाद चलाने का निर्देश दिया गया है. डीएम ने कार्रवाई की जानकारी प्रपत्र तीन में दर्ज कर सीडी सहित जिला स्तर पर भेजने को कहा है.
होंगे मुकदमें दर्ज
अवैध रूप से सार्वजनिक जल स्रोतों को कब्जे में लेने वाले अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया है. डीएम ने उक्त अधिनियम की धारा 06 (2) के तहत ऐसे लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर इसकी सूची स्थानीय थाना को सनहा के रूप में देने को कहा है. दोबारा लोग कब्जा न करें इसके लिए थानाध्यक्षों को निर्देश दिये गये हैं.
पहले होंगे चिह्नित
सार्वजनिक जलकरों को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए पहले सभी अंचलों/पंचायतों में इसकी खोज की जाएगी. प्रथम चरण में अभियान चलाकर सभी सार्वजनिक जल स्रोतों को चिह्नित किया जाएगा. जिला स्तर से इसकी सूची तैयार करने की जिम्मेवारी सभी सीओ को दी गयी है. डीएम ने आदेश जारी कर 15 जुलाई तक यह सूची प्रपत्र वन में संधारित कर जिला स्तर पर भेजने को कहा है. सूची तैयार करने में आम लोगों से भी सहयोग लेने का आदेश सभी सीओ को दिया गया है. स्थानीय लोगों से प्राप्त सूचना को भी इन सूची में शामिल करने को कहा गया है.

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