महिला चिकित्सक को 19 लाख का अर्थदंड

खगड़िया : जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष विपिन बिहारी लाल ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि चिकित्सक की सेवा के कारण लोग उन्हें भगवान की उपाधि देते हैं लेकिन जब चिकित्सक अपने सेवाधर्म से चूक जाते हैं तो लोग उन्हें हैवान मानने लगते हैं. जानकारी के अनुसार हरिश्चद्र पटेल अधिवक्ता जिला […]

खगड़िया : जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष विपिन बिहारी लाल ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि चिकित्सक की सेवा के कारण लोग उन्हें भगवान की उपाधि देते हैं लेकिन जब चिकित्सक अपने सेवाधर्म से चूक जाते हैं तो लोग उन्हें हैवान मानने लगते हैं. जानकारी के अनुसार हरिश्चद्र पटेल अधिवक्ता जिला विधिज्ञ संघ, गोगरी अपनी पत्नी इंदुदेवी को मासिक धर्म संबंधी समस्याओं के निदान के लिए 30 मई 2015 को हैप्पी होम,

भागलपुर के डा़ॅ शैलकला श्रीवास्तव के यहां भर्ती कराया था. डाॅ ने पेट चीरकर बच्चेदानी का ऑपरेशन कर दिया. जिसमें महिला चिकित्सक द्वारा लापरवाही दिखाई गयी. जिससे रोगी के युरीनरी ब्लाइडर में जख्म पैदा हो गया. जबकि वे यूरोलाजिस्ट नहीं थी. रोगी की स्थिति गंभीर होने पर पुन: दुबे यूरोलॉजी क्लिनिक में ऑपरेशन कराना पड़ा. लेकिन रोगी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ. रोगी को लाचार होकर दिल्ली एम्स में भरती कराना पड़ा. जहां ऑपरेशन हुआ. रोगी अभी भी जीवन और मौत से जूझ रही है.

जिला उपभोक्ता फोरम ने दिया आदेश
जिला उपभोक्ता फोरम खगड़िया ने सभी बिन्दुओं की गंभीरतापूर्वक समीक्षा के बाद डॉक्टर की सेवा में त्रुटि पाते हुए उन्नीस लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया. यदि उक्त चिकित्सक साठ दिन के अंदर उक्त राशि का भुगतान नहीं करते हैं तो नौ प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ उक्त दंड की राशि भुगतान करना होगा. उक्त निर्णय फोरम के अध्यक्ष विपिन विहारी लाल, सदस्य डाॅ रीता रानी, एवं रमेशचन्द्र खंडेलिया द्वारा दी गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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