अनदेखी. डीएम के निर्देश पर भी स्वास्थ्य केंद्र में प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक की आवाजाही जारी
डीएम की कड़ाई के बाद भी पीएचसी प्रभारी डॉ आरएन चौधरी के खासमखास माने जाने वाले प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक के अलौली पीएचसी में आने जाने पर रोक नहीं लग पाया है.
खगड़िया : जिलािधकारी की कड़ाई के बाद भी अलौली पीएचसी प्रभारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. बीते दिनों निरीक्षण के दौरान डीएम जय सिंह ने पीएचसी प्रभारी को प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक मणिभूषण कुमार से स्वास्थ्य विभाग से जुड़े किसी काम में नहीं लेने सहित पीएचसी में आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिया था.
लेकिन पीएचसी प्रभारी डॉ आरएन चौधरी के खासमखास माने जाने वाले प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक के अलौली पीएचसी में मंडराने पर रोक नहीं लग पाया है. जिससे ऐसा लगता है कि जिलाधिकारी के आदेश का कोई परवाह ही नहीं है. इतना ही नहीं बीते शनिवार को पीएचसी प्रभारी डॉ चौधरी के सामने उनके चैम्बर में प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक बैठ कर गप्पे लड़ाते देखा गया.
ऐसे में सवाल उठता है कि स्वास्थ्य विभाग की नजर में जिलािधकारी के निर्देश की कोई अहमियत नहीं है या प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक पर मेहरबानी के पीछे कोई दूसरी वजह है? आखिर डीएम जय सिंह के सख्त निर्देश के बाद भी पीएचसी प्रभारी व प्राइवेट पैथोलॉजी संचालक के बीच साठगांठ का खेल रुक क्यों नहीं रहा है?
थाइरोकेयर के नाम पर कर रहा था फर्जीवाड़ा
अलौली पीएचसी के समीप थाइरोकेयर का बोर्ड लगा करपैथोलॉजी के नाम पर फर्जीवाड़ा की खबर प्रभात खबर में छपने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था. जिसके बाद मामला तूल पकड़ते देख मणिभूषण नामक युवक ने थाइरोकेयर का बोर्ड तो हटा लिया लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से पैथोलॉजी का गोरखधंधा बदस्तूर चल रहा है. बताया जाता है कि पीएचसी प्रभारी डॉ आरएन चौधरी की मिलीभगत से पैथोलॉजी के नाम पर फर्जीवाड़ा किया
जा रहा है.
