लापरवाही. डीआरएम साहब, यही है रेल का सुहाना सफर!
रेल सुहाना व सुरक्षित सफर का खौफनाक सच देखना है तो खगड़िया रेलवे स्टेशन आइये. ट्रेनों में आलम यह है कि लोग बोगी के गेट होकर नहीं खिड़की होकर प्रवेश करते हैं. लिहाजा जान हथेली पर लेकर यात्रियों को रेल में सफर करने की मजबूरी बनी हुई है.
खगड़िया : रेलवे स्टेशन पर रोज टूट रहे रेलवे के कानून से रेल यात्रियों की जान पर बन आयी है. खगड़िया रेलवे स्टेशन के हालात रेल में सुहाने सफर के दावे की पोल खोलने के लिये काफी हैं. ट्रेनों में भीड़ का आलम यह है कि लोग गेट होकर नहीं खिड़की होकर बोगियों में प्रवेश करते हैं. हालात दिन ब दिन बदतर होते जा रहे हैं. लेकिन रेल प्रशासन सब कुछ जान कर अनजान बना हुआ है. लिहाजा रेल का सुहाना सफर किसी दिन कहीं मौत में ना बदल जाये.
गेट पर मोटरी … कैसे करें प्रवेश :
ट्रेन की बोगियों में खासकर पैसेंजर गाड़ी की स्थिति देख कर लोगों की रुह कांप जा रहे हैं. बोगियों के गेट पर लकड़ी से लेकर गठरी मोटरी वालों के कब्जे के कारण यात्रियों को ट्रेन में प्रवेश करना भी खतरे से खाली नहीं है. बिना बुक कराये सामान ढोने वालों की मनमानी और वरदी वालों द्वारा नजरें फेर लेने के कारण यात्रियों का सुहाना सफर कष्टदायक बन गया है.
