रहें सतर्क, केिमकल से पके आम से है खतरा

खगड़िया/गोगरी : जिले भर के सभी बाजारों में इन दिनों कार्बाइड व केमिकल से पकाए गये आमों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है. बंगाल से मंगाए गए कच्चे आमों को कार्बेट व केमिकल की मदद से पकाने का कार्य किया जा रहा है. इस प्रकार के आम देखने में तो आकर्षक लगते हैं […]

खगड़िया/गोगरी : जिले भर के सभी बाजारों में इन दिनों कार्बाइड व केमिकल से पकाए गये आमों की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है. बंगाल से मंगाए गए कच्चे आमों को कार्बेट व केमिकल की मदद से पकाने का कार्य किया जा रहा है. इस प्रकार के आम देखने में तो आकर्षक लगते हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिये काफी हानिकारक है.

इन सबों से अनजान लोगों द्वारा आम की जमकर खरीदारी की जा रही है. फिलहाल जिले के बाजारों में बंगाल से मंगाये जा रहे गुलाब खास, मालदह, किशुनभोग, हसना, बम्बइया, हिमसागर, तोतापुरी, बैगनफूली की धूम है. ये सारे के सारे आम कार्बाइड व केमिकल के सहारे पकाये जा रहे हैं. व्यापारी भी अधिक कमाई के चक्कर में आम को कार्बाइड से पकाकर बिक्री कर रहे हैं. वैसे आम का मुख्य सीजन भी जून से ही आरंभ होता है.

बाजार में आम का भाव
थोक मंडी में आम गुलाब खास 35 से 40 रुपये, मालदह 40 से 45 रुपये, किशुन भोग 35 से 40 रुपये, बम्बइया 30 से 40 रुपये, हिमसागर 32 से 35 रुपये, तोतापुरी 35 से 40 रुपये व बैगनफुली 30 से 35 रुपये, दशहरी 35 से 45 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है.
थोक विक्रेता सोहन कुमार ने बताया कि आम को केमिकल से नहीं बल्कि कार्बाइड से पकाया जा रहा है. पेड़ पर आम पकना संभव नहीं है. इस कारण आम को कार्बाइड से पकाकर बेचना विवशता है.
खाने के पहले दो घंटे रखें पानी में
रेफरल अस्पताल के चिकित्सक डाॅक्टर अरूण कुमार सिन्हा ने बताया कि इथाइलिन व कार्बाइड का प्रयोग लंबे समय तक किया जाए तो इससे कैंसर का खतरा उत्पन्न हो सकता है. केमिकल से पके आम के सेवन से चक्कर, उल्टी होने के साथ थकान की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इससे बचने के लिये आम खाने के पूर्व इसे दो घंटे से अधिक पानी में डालकर रखना चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >