मुफ्त में करें नदी पार
बेलदौर : कोसी नदी पार करने के लिये अब जेब ढीली करने की जरूरत नहीं है. सोमवार से सरकारी नाव का परिचालन शुरू होने से लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है.
फिलहाल चार सरकारी नाव उसराहा घाट पर पहुंच गये हैं. कोसी नदी पार करने में लोगों को बीते आठ दिनों से हो रही कठिनाई के बाद अब सरकारी स्तर से 4 बड़ी नाव के परिचालन करायी जाएगी. हालांकि इसके बावजूद भी लोगों को घाट बाट की झंझटों से मुक्ति नहीं मिलेगी. अंचल प्रशासन की देखरेख में सुरक्षा मानकों को गंभीरता से लेते हुए सरकारी नाव के परिचालन कराये जाने से संभावित दुर्घटना एवं नाविकों के शोषण से लोगों को निजात मिलने की उम्मीद जगी है.
चलेगी चार बड़ी नाव
बीडीओ सह सीओ अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि जुगाड़ पुल बंद होने के बाद लोगों को हो रही आवागमन संकट से राहत देने के लिए एनएच विभाग को वरीय अधिकारियों ने पत्र भेजकर सरकारी स्तर पर नाव परिचालन कराये जाने की मांग की थी. जिस पर विभाग की मुहर लग गयी है.
सोमवार से उसराहा घाट से 4 बड़ी नाव का परिचालन शुरू कराया जाएगा. इसके नाविकों को आवश्यक दिशा निर्देश देकर सरकारी नाव के लिए चिन्हित किये गये नाव पर लाल झंडा एवं लाइफ ट्यूब लगाने को लेकर स्पष्ट निर्देश दे दिया गया. सरकारी नाव पैदल एवं बाइक सवार को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक नि: शुल्क कोसी नदी पार करायेगी. बड़ी नाव पर 6 एवं मंझोले नाव पर 4 लाइफ ट्यूब लगाये जाएंगे ताकि संभावित नौका दुर्घटना में लाइफ ट्यूब जीवन रक्षक का काम करे.
28 मई को बंद हुआ था जुगाड़ पुल
26 मई को नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण संभावित खतरों को भाप जिला प्रशासन ने जुगाड़ पुल बंद करने का आदेश दिया था. लोगों के विरोध के बावजूद भी 28 मई को चौथम एवं बेलदौर अंचल प्रशासन ने प्रशासन के आदेश एवं नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण जुगाड़ पुल बंद करवा कर इसमें लगाये गये नावों को खोलकर हटवा दिया था.
इसके कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने को विवश हो गये. लेकिन नदी में पानी कम होने एवं नाविकों के मनमानी के कारण बीते शुक्रवार को ओवरलोडेड छोटी एवं बड़ी नाव के बीच नदी में टक्कर हो गयी इसके कारण दुर्घटनाग्रस्त हुई छोटी नाव पर सवार एक 4 वर्षीय बालक आयुष नदी में गिरकर डूब गया. जिसके शव की बरामदगी घटना के तीसरे दिन भी नहीं हो पायी. हालांकि दुर्घटनास्थल पर पानी कम रहने के कारण शेष लोगों को बचा लिया गया.
मामले की सूचना पर घटनास्थल पहुंचे एसडीओ ने आक्रोशित लोगों की मांग पर 10 सरकारी नाव चलाये जाने एवं उसराहा एवं सोनवर्षा घाट पर पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए एक एक चापानल लगाने का भरोसा दिया था. घटना के चौथे दिन चार सरकारी नाव का परिचालन कराकर अधिकारियों ने लोगों को काफी राहत दी है. अब अंचल प्रशासन को निगरानी करनी पड़ेगी कि सरकारी नाव संचालक एवं निजी नाव संचालक लोगों को नदी पार कराने में दोहरी नीति नहीं अपनाये .
