लोगों को स्वस्थ बना रहे योगाचार्य विनोद
खगड़िया : बिहार में एक घर व गुरु की आवश्यकता थी. कुछ समय तलाश में बिताये, दोनों मिल गये. भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत शिव शक्ति योग पीठ जैसा घर मिल गया और गुरु के रूप में मिले परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज. गदगद हो गया. अब घर-घर योग-प्राणायाम का पाठ पढ़ाऊंगा और पंच […]
खगड़िया : बिहार में एक घर व गुरु की आवश्यकता थी. कुछ समय तलाश में बिताये, दोनों मिल गये. भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत शिव शक्ति योग पीठ जैसा घर मिल गया और गुरु के रूप में मिले परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज. गदगद हो गया.
अब घर-घर योग-प्राणायाम का पाठ पढ़ाऊंगा और पंच क्रम चिकित्सा से लोगों को पुराने से पुराने असाध्य रोग से छुटकारा दिलाऊंगा. यह कहना है भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत भ्रमरपुर निवासी योगाचार्य विनोद विश्वास का. श्री विश्वास एक कुशल योगाचार्य हैं.
वर्ष 2005 में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रवि शंकर जी की संस्था की ओर भ्रमरपुर गांव में नव चेतना शिविर लगाया गया था. इसमें विनोद ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. वर्ष 2009 में बंगलुरु स्थित श्रीश्री रवि शंकर जी के आश्रम में रहकर इन्होंने योग विद्या की शिक्षा प्राप्त की. यहीं नवचेतना शिविर, योग क्रिया, सुदर्शन क्रिया की भी शिक्षा प्राप्त की. वर्ष 2013 में बंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद प्रेस सम्मेलन का आयोजन होना था.
यहां डाक्टर जय प्रकाश नारायण के सहयोग से योग गुरु रामदेव बाबा से मुलाकात हुई. विनोद की योग क्रिया को देख बाबा रामदेव ने इन्हें अपनी छायाप्रति बताया था. उन्होंने ही श्री विश्वास को बिहार में योग विधा के विस्तार का आदेश दिया था. वर्ष 2015 में ये घर लौटे. तभी स्वामी परमहंस स्वामी आगमानंद जी के एक शिष्य ने स्वामी जी से मुलाकात करायी. तब ही इन्होंने घर-घर जाकर योग-प्राणायाम सिखाने का निर्णय किया था.
इधर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने बताया कि योगाचार्य विनोद विश्वास योग क्रिया में पूर्ण हैं. कई लोग इनसे लाभान्वित हो चुके हैं. रोगों से बचाव का एक मात्र साधन योग है. योग मस्तिष्क के साथ-साथ पूरे शरीर में स्फूर्ति लाता है. अब हर गांव में योग शिविर लगाया जायेगा.