मनमानी. अधिकतर सड़कों पर ओवरलोडेड वाहनों से यात्रा कर रहे लोग
खगड़िया की सड़कों पर रोज यातायात नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है. लोगों की जिंदगी जोखिम में डाल कर ओवर लोडंग वाहन सड़कों से गुजर रहे हैं. घायल होने वालों के आंकड़े भी कम नहीं है. इधर, परिवहन विभाग की कार्रवाई बड़े वाहनों तक ही सीमित है.
खगड़िया : खगड़िया में बड़े व छोटे वाहन से जुड़े लोग परिवहन विभाग के नियम को मानने को तैयार नहीं हैं. आये दिन एनएच 31 से लेकर अन्य सड़कों पर दुर्घटना से लोगों में भय व्याप्त हैं. घर के अभिभावक बच्चों को एनएच पर जाने से मना करते नजर आ रहे हैं. वहीं ऑटो, कमांडर की सवारी करने से लोग परहेज करने लगे हैं. जरूरत पड़ने पर खतरा मोल लेकर गंतव्य स्थान तक की यात्रा हो रही है.
कम उम्र के वाहन चालक भी कम नहीं : एनएच 31 से लेकर शहर व गांव की सड़कों पर दौड़ते यात्री वाहनों में नाबालिग लड़कों के हाथों में ड्राइविंग की कमान आने से दुर्घटना होना लाजिमी है. वहीं शहर की सड़कों पर आजकल बड़ी संख्या में उतरे हवा गाड़ी को चलाते हुए नाबालिग को देखा जा सकता है. स्थिति यह है कि एनएच 31 जैसे व्यस्त सड़क पर कम उम्र के बालक द्वारा ऑटो या कमांडर चलाया जाता है. जिसक नतीजा काफी खतरनाक होता है. लेकिन विभाग को इसकी कोई परवाह नहीं है. इधर, वाहन चालों की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां मन हुआ वहीं पैसेजर को चढ़ाने-उतारने के लिये सड़क को अवैध स्टैंड बना लेते हैं. वहीं भाड़ा की बात ही मत कीजिये. इस पर भी विभाग का कोई लगाम नहीं है. स्थिति यह है कि 5 किलोमीटर की दूरी का यात्रियों से दस रुपया वसूला जा रहा है.
जर्जर गाड़ी पर विभाग का नहीं है ध्यान : मुंगेर घाट की ओर जाने वाले अधिकांश वाहनों की स्थिति इतनी जर्जर हैं कि कहां से टूट कर गिर जाये कहना कठिन है. ऐसे में फिटनेस सर्टिफिकेट की बात करना ही बेमानी है. बताया जाता है कि खगड़िया बस स्टैंड से खुलने वाले अधिकांश वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट से कोई लेना देना नहीं है. खासकर मुंगेर घाट जाने वाली गाड़ी की तो बात ही मत कीजिये. सबकी नजरों के सामने भेड़ बकरियों की तरह ठूंस कर वाहनों का परिचालन हो रहा है लेकिन परिवहन विभाग को इसे रोकने की फुरसत नहीं है.
इन चौक – चौराहों पर परेशानी ज्यादा : बेंजामिन चौक, लक्ष्मी सिनेमा रोड, अस्पताल चैक, स्टेशन रोड आदि जगहों को ऑटो चालकों द्वारा अवैध ऑटो स्टैंड बना कर पैसेंजर को बैठाने-उतारने का काम किया जा रहा है. ऑटो पर जबरन 15-18 लोगों को बैठाया जाता है. ऐसे में बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. पिछले दिनों की बात करें तो सड़क दुर्घटना में जिले भर में दर्जनों लोगों की मौत हो गयी.
जिला परिवहन पदाधिकारी अब्दुल रज्जाक ने बताया कि समय समय पर वाहनों की चेकिंग की जाती है. ओवर लोडिंग वाले वाहन को जुर्माना किया जाता है. उपलब्ध संसाधन में बेहतर करने के प्रयास जारी हैं.
