मवि बेला को मिले उवि का दर्जा : महावीर

खगड़िया : बेलदौर प्रखंड के मध्य विद्यालय बेला को उच्च विद्यालय का दर्जा देने की घोषणा के बाद फिर से साजिश के तहत नाम काट दिये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. रविवार को खगड़िया आये आपदा मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री प्रो. चन्द्रशेखर से पूरे प्रकरण की शिकायत करते हुए शिक्षा विभाग […]

खगड़िया : बेलदौर प्रखंड के मध्य विद्यालय बेला को उच्च विद्यालय का दर्जा देने की घोषणा के बाद फिर से साजिश के तहत नाम काट दिये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. रविवार को खगड़िया आये आपदा मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री प्रो. चन्द्रशेखर से पूरे प्रकरण की शिकायत करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कारगुजारी पर से परदा हटाया गया.

अवकाश प्राप्त शिक्षक सह बेलदौर प्रखंड राजद सचिव महावीर शर्मा ने मंत्री को आवेदन देकर मध्य विद्यालय बेला को उच्च विद्यालय का दर्जा दिये जाने की मांग की है. श्री शर्मा ने अपने आवेदन में कहा है कि सरकारी अर्हता सहित सुविधा के मामले में मध्य विद्यालय बेला को पहले उच्च विद्यालय का दर्जा दिया जाना चाहिए. लेकिन साजिश के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मध्य विद्यालय बेला का नाम छांट कर इसकी जगह उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय बेला को उच्च विद्यालय की सूची में शामिल कर लिया.

1945 से चल रहा मध्य विद्यालय बेला : अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक श्री शर्मा की मानें तो मध्य विद्यालय बेला की स्थापना 1945 में हुई थी. इस विद्यालय को एक बीघा 19 कट्ठा जमीन है. वर्तमान में यहां करीब एक हजार बच्चे अध्ययनरत हैं. राज शिक्षा निदेशालय बिहार से इस विद्यालय को उच्च विद्यालय का दर्जा मिला है.
जबकि जिस उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय बेला को अधिकारियों ने उच्च विद्यालय की सूची में शामिल किया है वह 1970 में खुला है. इस स्कूल के पास पर्याप्त जमीन व भवन भी नहीं हैं. इस विद्यालय को मात्र 8 कट्ठा जमीन है. इस विद्यालय में लगभग 500 बच्चे ही पढ़ते हैं. ऐसे में मध्य विद्यालय बेला का नाम छांट कर उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय बेला को सूची में शामिल किया जाना सरासर धोखा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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