किसानों पर बैंकों ने बरसायी कृपा

खगड़िया : जिले की एक बड़ी आबादी कृषि पर आधारित है. खेती से ही अधिसंख्य परिवारों का भरण पोषण होता है. इस वित्तीय वर्ष कृषि के क्षेत्र में बैंक भी काफी मेहरबान रहे हैं. अन्य क्षेत्र में भले ही बैंकों की उपलब्धि अच्छी नहीं रही हो, लेकिन जिले के किसानों पर बैंकों की खूब कृपा […]

खगड़िया : जिले की एक बड़ी आबादी कृषि पर आधारित है. खेती से ही अधिसंख्य परिवारों का भरण पोषण होता है. इस वित्तीय वर्ष कृषि के क्षेत्र में बैंक भी काफी मेहरबान रहे हैं. अन्य क्षेत्र में भले ही बैंकों की उपलब्धि अच्छी नहीं रही हो, लेकिन जिले के किसानों पर बैंकों की खूब कृपा बरसी है. कारण,

सभी क्षेत्रों से अधिक वर्ष 15-16 में कृषि क्षेत्र में ही ऋण बांटे गये हैं. जिले का एसीपी इस नौ माह में 64 प्रतिशत रहा है. यानी लक्ष्य के विरुद्ध 64 प्रतिशत ऋण का वितरण किया गया है.

पर, कृषि की बात करें तो लगभग 73 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गयी है. इस वित्तीय वर्ष में 785 करोड़ 12 लाख रुपये का कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया था. इसके विरुद्ध 570 करोड़ 13 लाख रुपये कृषि क्षेत्र में वितरित किये गये हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 73 प्रतिशत होता है. एचडीएफसी बैंक ने कृषि के क्षेत्र में लक्ष्य के विरुद्ध सर्वाधिक 172 प्रतिशत ऋण वितरित किया है. वहीं यूनियन बैंक द्वारा 80.62 प्रतिशत ऋण का वितरण किया गया है. कोऑपरेटिव बैंक ने लक्ष्य से अधिक 112 प्रतिशत तथा बिहार ग्रामीण बैंक ने 98.62 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में ऋण वितरित किया है.

खूब बंटा केसीसी

इस वर्ष कृषि क्षेत्र में किसानों को कृषि के लिए मिलने वाला केसीसी ऋण भी हजारों किसानों को दिया गया है. 52 हजार से अधिक किसानों के केसीसी ऋण का जहां नवीकरण किया गया है, वहीं 31 हजार 569 नये किसानों के बीच 14477 लाख रुपये केसीसी ऋण के रूप में वितरित किया गया है.

अन्य क्षेत्रों स्थिति

सभी क्षेत्रों में कृषि क्षेत्र से कम ऋण बांटे गये हैं. अगर स्वरोजगार के लिए मिलने वाले प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की बात करें, तो इस क्षेत्र में लक्ष्य के विरुद्ध 50 प्रतिशत ही उपलब्धि हासिल हुई है. सुक्ष्म एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में लक्ष्य के विरुद्ध 57 प्रतिशत ऋण का वितरण किया गया है. एसएचजी/जेएचजी ग्रुप सहित गैर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में तो लक्ष्य से 50 प्रतिशत से भी कम ऋण वितरित किया गया है. सबसे ज्यादा ऋण कृषि क्षेत्र में ही बांटे गये हैं.

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