पूर्वी केबिन ढाला बंद रहने से बढ़ी परेशानी
खगड़िया : इन दिनों खगड़िया शहर में आवागमन पर आफत है. फिलहाल जान जोखिम में डाल कर आम जनता आवागमन के लिये जद्दोजहद कर रहे हैं. प्रशासनिक अधिकारी चुप हैं और जन प्रतिनिधियों द्वारा मुंह फेर लिये जाने के कारण इन दिनों लोगों को आवागमन करने में पसीने छूट रहे हैं. खगड़िया शहर दो भागों में बंटे होने के कारण आवागमन करना किसी मुश्किल से कम नहीं है. शहर के उत्तरी भाग में स्थित समाहरणालय, सदर अस्पताल व कोर्ट-कचहरी से लेकर महत्वपूर्ण कार्यालय तक पहुंचना किसी मुसीबत से कम नहीं है.
आवागमन पर आफत, कब सुधरेंगे हालात : सन्हौली दुर्गास्थान के समीप नाला निर्माण होने के बाद रास्ता बाधित है. रैक प्वाइंट होकर आवागमन पर रेल प्रशासन का कड़ा पहरा है. पूर्वी केबिन ढाला पहले से बंद है.
नतीजतन, जनता के आवागमन पर आफत है. बता दें कि जून महीने में पूर्वी केबिन ढाला बंद होने के बाद आवागमन के संकट से जूझ रही जनता की तकलीफ रैक प्वाइंट गेट में ताला लगने के बाद बढ़ गयी है. बीते दिनों डीआरएम द्वारा निरीक्षण के क्रम में रैक प्वाइंट होकर आम लोगों के आवागमन पर कड़ाई से रोक लगाने का निर्देश दिया गया था. जिसके बाद रैक प्वाइंट गेट में ताला मार कर बंद कर दिया गया है.
गांव जाने के लिये जद्दोजहद : भले ही रेलवे की नजर में रैक प्वाइंट होकर आवागमन कानून तोड़ना माना जायेगा लेकिन आम जनता की नजर में यह महत्वपूर्ण रास्ते में शुमार है.
सन्हौली रेलवे रैक प्वाइंट होकर रास्ता बंद होने से मथुरापुर, बछौता, भदास, भगत टोला, लाभ गांव, कोठिया, कुतुबपुर, कमलपुर आदि गांवों के लोग आवागमन करते थे. लेकिन इन दिनों रेलवे का कड़ा पहरा है सो आने-जाने के लिये लोग जान जोखिम में डालने को विवश हैं. कहीं गड्ढे होकर तो कहीं कीचड़ मंे वाहन निकालने में लोगों के दम फूल रहे हैं.
