कटिहार : भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की हुई निर्मम हत्या व राज्य में बढ़ती अपराध के विरोध में मंगलवार को भाजपा के जिला इकाई द्वारा समाहरणालय गेट पर आक्रोशपूर्ण धरना दिया गया. भाजपा के जिलाध्यक्ष सुनील प्रसाद कर्ण के नेतृत्व में आयोजित इस धरना में भाजपा विधायकों व नेताओं ने राज्य सरकार पर अपराधिक घटनाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. भाजपा नेताओं ने कहा कि बिहार में जंगलराज-टू की शुरुआत नीतीश कुमार के सत्ता संभालते ही हो गयी. नेताओं ने कहा कि बिहार का कोई ऐसा जिला नहीं है, जहां अपराधिक घटनाएं नहीं हो रही है.
जिस जंगल राज का सफाया कर 2005 में भाजपा गठबंधन के साथ नीतीश कुमार को जनता ने सत्ता सौंपी, उसी नीतीश कुमार ने सत्ता पाने के लिए 2015 में जंगलराज के पोषक लालू प्रसाद के गोद में जाकर बैठ गये. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फिर से जंगलराज कायम हो गया है. आमलोगों में दहशत व्याप्त है, महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. सत्तारूढ़ दल के विधायक दुष्कर्म करते हैं. महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं. यह अपराधिक प्रवृत्ति की पराकाष्ठा है. नेताओं ने कहा कि बिहार का हर तबका दहशत में है. व्यावसायिक वर्ग, महिलाओं व आमलोग बढ़ती आपराधिक घटनाओं से चिंतित हैं. नेताओं ने बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की.
मौके पर पूर्व सांसद निखिल कुमार चौधरी, प्राणपुर विधायक विनोद कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद राजवंशी सिंह, लोजपा जिलाध्यक्ष जाहिद, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ चंद्रभूषण ठाकुर, प्रो एसएन पोद्दार, जिला मीडिया प्रभारी मनोज सिन्हा, वीरेंद्र यादव, लक्खी महतो, प्रो जगदीश चंद्रा, छाया तिवारी, सुनीता देवी, धर्मनाथ तिवारी, बबन झा, राम यादव, दिनेश दास, देवव्रत गुप्ता, ललन सिंह, गजेंद्र पाठक, युगल किशोर, अभिनंदन श्रीवास्तव, जवाहर साह, पप्पू गुप्ता, तल्लू बासकी, दिलीप वर्मा, छक्कन कुमार, राजेश्वर चौहान, सुमन कुमार, गोपाल गुप्ता, प्रमोद महतो आदि ने संबोधित किया.
