फर्जी प्रसव मामले में एएनएम सस्पेंड

खगड़िया : सरकारी अस्पताल में फर्जी प्रसव के खेल की जांच रिपोर्ट में भी फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गयी है. दो सदस्यीय जांच टीम ने सीएस को पूरी रिपोर्ट सौंपते हुए घर पर हुए प्रसव को अस्पताल में दिखा कर फर्जीवाड़ा किये जाने का खुलासा किया गया है. इधर, सीएस डॉ रासबिहारी सिंह ने जांच […]

खगड़िया : सरकारी अस्पताल में फर्जी प्रसव के खेल की जांच रिपोर्ट में भी फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गयी है. दो सदस्यीय जांच टीम ने सीएस को पूरी रिपोर्ट सौंपते हुए घर पर हुए प्रसव को अस्पताल में दिखा कर फर्जीवाड़ा किये जाने का खुलासा किया गया है. इधर, सीएस डॉ रासबिहारी सिंह ने जांच रिपोर्ट पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम साधना कुमारी को निलंबित कर दिया है.

साथ ही अन्य दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिये हैं. बताया जाता है कि अगर पूरे जिले के अस्पतालों हुए प्रसव की जांच हो तो बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का खुलासा हो सकता है. बता दें कि बीते दिसंबर महीने में प्रभात खबर ने अलौली में फर्जी प्रसव के खेल का खुलासा करते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी.

प्रसूता को पता भी नहीं अस्पताल में दर्ज है नाम
जांच के क्रम में एक प्रसूता मनीषा खातून के हरिपुर जोगिया स्थित घर पर पहुंचने पर पूछताछ में के दौरान जांच टीम भी चौंक गयी. अस्पताल के रजिस्टर में दर्ज मनीषा खातून को खोजते हुए जब जांच टीम हरिपुर जोगिया गांव पहुंची, तो वहां लोगों ने बताया कि इस नाम की कोई महिला इस गांव में नहीं है. काफी छानबीन के बाद पता चला कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रजिस्ट्रेशन नंबर 536 में जिस महिला को मनीषा खातून बताया कि गया है वह सितारा खातून है. जांच टीम अब उसके घर पहुंची, तो वहां मौजूद उनकी सास ने स्वीकार किया कि उनकी बहू सितारा खातून का प्रसव घर पर ही हुआ था. सास ने एक और खुलासा करते हुए बताया कि उनकी छोटी बहू का प्रसव भी एक दिसंबर को घर पर ही हुआ था, लेकिन उसका भी नाम अस्पताल में दर्ज है. इसकी जानकारी बाद में मिली है. जांच रिपोर्ट में दोनों प्रसव के नाम फर्जी रूप से अस्पताल के रजिस्टर में अंकित करने की बात कही है.
रास्ते में प्रसव हुआ, तो रजिस्टर में दर्ज क्यों नहीं
इसी तरह मछड़ाडीह की डोमनी देवी, पति मंटून राम को एपीएचसी में 7 दिसंबर को प्रसव हुआ बताया गया है. पर, जांच टीम के समक्ष प्रसूता ने स्वीकार किया है कि उसका प्रसव रास्ते में हुआ था. पर, अस्पताल के रजिस्टर में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि उसका प्रसव रास्ते में हुआ. अस्पताल के रजिस्टर में डोमनी देवी को 7 दिसंबर के साढ़े सात बजे भरती होने और 8 : 35 बजे प्रसव होने की बात लिखी हुई है. जो फर्जीवाड़ा की ओर संकेत कर रहा है. सरकारी प्रावधान के अनुसार अगर रास्ते में प्रसव हुआ, तो इस बात का जिक्र सरकारी कागजात में किया जाना चाहिये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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