मामला जिला अभिलेखागार में काम करवाने के एवज में खुलेआम चल रहे रिश्वत के काले कारोबार का
डीएम ने पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिये जांच के आदेश
जांच टीम ने अभिलेखागार कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के अलावा कर रही पूछताछ
टीम ने जिला अभिलेखागार के प्रधान लिपिक से की पूछताछ, बिचौलियों को दबोचने
की तैयारी
आखिर कार्यालय में बिचौलिये कैसे कर रहे थे अवैध उगाही
प्रधान लिपिक सहित दो कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब
खगड़िया : समाहरणालय परिसर स्थित जिला अभिलेखागार कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद सच से रिश्वतखोरी के राज पर से परदा हटने की उम्मीद है. इधर, डीएम साकेत कुमार ने चार सदस्यीय जांच टीम का गठन कर रिश्वतखोरी प्रकरण की जांच के आदेश दिये हैं. इधर, भ्रष्टाचार का काला कारोबार स्टिंग ऑपरेशन में कैद होने के बाद मचे बवाल के बीच जिला प्रशासन दाग धोने में जुट गया है. पूरे प्रकरण में कार्यालय कर्मियों की संलिप्तता की बात कही जा रही है.
कारण बिना कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्यालय की कुरसी पर बैठ कर रिश्वत की वसूली सहित सरकारी कागजात से छेड़छाड़ कर पाना मुश्किल है. हालांकि कार्यालय के प्रधान लिपिक एके मंडल ने कहते हैं कि रिश्वतखोरी प्रकरण से उनका कोई लेना देना नहीं है. बिचौलियोें द्वारा पिछले दरवाजे से काम करवाने के लिये दबाव दिया जाता है. इसकी सूचना कई बार वरीय अधिकारियों को दी जा चुकी है. अब आगे से कार्यालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी.
