तहकीकात किये बिना प्राथमिकी

खगड़िया : डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान द्वारा लिये गये विवादास्पद फैसले के कारण शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है. मामला प्राथमिक विद्यालय फिरंगी टोला से जुड़ा हुआ है. इसमें विभाग ने बिना कोई तहकीकात किये ही तत्कालीन प्रधान शिक्षक पर भवन निर्माण की राशि गबन के लिए प्राथमिकी दर्ज करवाने का निर्देश जारी […]

खगड़िया : डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान द्वारा लिये गये विवादास्पद फैसले के कारण शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है. मामला प्राथमिक विद्यालय फिरंगी टोला से जुड़ा हुआ है. इसमें विभाग ने बिना कोई तहकीकात किये ही तत्कालीन प्रधान शिक्षक पर भवन निर्माण की राशि गबन के लिए प्राथमिकी दर्ज करवाने का निर्देश जारी कर दिया है.

हालांकि संबंधित विद्यालय के तत्कालीन प्रधान शिक्षक संजीव कुमार ने वर्ष 2012 में ही नये प्रधान शिक्षक को वित्तीय प्रभार सौंपने के साथ-साथ भवन निर्माण के लिए मिले छह लाख रुपये का पूरा हिसाब किताब विभाग को दे दिया है. पर, डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान अनिल कुमार सिंह द्वारा बिना तहकीकात के ही भवन निर्माण की राशि को लेकर शिक्षक संजीव कुमार पर प्राथमिकी का निर्देश जारी करने से विभाग की किरकिरी हो रही है.

पहले भी चर्चा में रहा है शिक्षा विभाग
सूत्रों की मानें तो प्राथमिकी के निर्देश जारी करना, फिर वापस लेना शिक्षा विभाग के अधिकारियों की पुरानी आदत है. इससे पहले भी विभाग के अधिकारियों द्वारा विवादास्पद निर्देश जारी करने के कारण किरकिरी हो चुकी है. इधर, डीपीओ स्थापना अनिल कुमार सिंह के मोबाइल पर बार-बार रिंग करने के बाद रिसीव नहीं करने पर उनका पक्ष नहीं लिया जा सका .
रंगदारी से त्रस्त गुरुजी पर विभाग का चाबुक
वर्ष 2011 में संजीव कुमार प्रावि फिरंगी टोला के प्रधान शिक्षक थे. उस वक्त विभाग द्वारा तीन कमरों के भवन के लिए छह लाख रुपये आवंटित किये गये थे. भवन निर्माण शुरू भी हुआ. काम आगे बढ़ने के बाद प्रधान शिक्षक से एक लाख रुपये रंगदारी की मांग की गयी. इसे पूरा नहीं करने पर शिक्षक संजीव कुमार पर जानलेवा हमला भी किया गया.
इतना ही नहीं लाखों की निर्माण सामग्री की चोरी कर ली गयी. इसको लेकर प्राथमिकी भी दर्ज हुई. इसी बीच संजीव कुमार का नियोजन निरस्त कर दिया गया. इसके बाद शिक्षक संजीव कुमार ने नये प्रधान शिक्षक नियुक्त चन्द्रदेव सादा को वित्तीय प्रभार सहित अन्य प्रभार दे दिया. हाइकोर्ट के फैसले बाद मार्च, 2014 में फिर संजीव कुमार को बहाल कर लिया गया.
पर, रंगदारों द्वारा केस उठाने की धमकी सहित मारपीट का सिलसिला नहीं रुका. जान पर खतरा देखते हुए शिक्षक संजीव कुमार ने विभाग से गुहार लगायी, तो उनका प्रतिनियोजन प्रावि खड़रा टोला कर दिया गया. अब डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान अनिल कुमार सिंह ने तत्कालीन प्रधान शिक्षक पर प्राथमिकी का निर्देश जारी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है. रंगदारों के कहर से परेशान शिक्षक ने विभाग के नये निर्देश के आलोक में डीएम को आवेदन देकर जांच की मांग की है.

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