किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिये समाहरणालय परिसर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगा तो दिये गये हैं, लेकिन उसे देखने की जहमत उठाना भी अधिकारी मुनासिब नहीं समझते हैं. तभी तो समाहरणालय में अधिकारियों के नाक के नीचे जिला अभिलेखागार कार्यालय में रिश्वतखोरी का खेल धड़ल्ले से चल रहा था. पूरा खेल स्टिंग ऑपरेशन की जद में आने के बाद अब स्पष्टीकरण सहित जांच का दावा किया जा रहा है. हालांकि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर डीएम के कड़े रुख से रिश्वतखोरी में लिप्त कर्मी व बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जतायी जा रही है.
-मामला जिला अभिलेखागार में काम करवाने के एवज में खुलेआम चल रहे रिश्वत के काले कारोबार का
-अप्रैल में भी कार्यालय कर्मी को सुधार का निर्देश देकर सो गये अधिकारी की कार्यशैली भी सवालों घेरे में
-प्रभात खबर में खुलासे के बाद डीएम ने जिला अभिलेखागार प्रभारी को पूरे मामले की जांच के दिये आदेश
-कार्यालय के प्रधान लिपिक सहित दो कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब कर रिश्वतखोरी प्रकरण पर मांगा जवाब
खगड़िया : समाहरणालय परिसर, बड़े-बड़े अधिकारियों की मौजूदगी, चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी की निगरानी, फिर भी रिश्वत का खेल कैसे चल रहा था? ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीसीटीवी सिर्फ दिखावे के लिए लगाया गया है या उसकी जद में आयी गड़बड़ी पर अधिकारी नजर भी डालते हैं? जिला अभिलेखागार में खुलेआम रिश्वतखोरी प्रकरण सामने आने के बाद अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. हालांकि डीएम साकेत कुमार ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कड़े रुख का संकेत देते हुए पूरे मामले की तहकीकात का निर्देश जिला अभिलेखागार प्रभारी को दिया है.
खबर छपने के बाद हरकत में आया प्रशासन
पांच फरवरी को प्रभात खबर में जिला अभिलेखागार में रिश्वत के काले कारोबार से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. डीएम साकेत कुमार के कड़े रुख के बाद जिला अभिलेखागार प्रभारी प्रियंका कुमारी ने कार्यालय के प्रधान लिपिक एके मंडल, निम्न वर्गीय लिपिक मो शाहिद से स्पष्टीकरण तलब करते हुए जवाब मांगा है.
स्पष्टीकरण में कहा गया है कि जब 9 अप्रैल, 2015 को दो-दो पत्र जारी कर निर्देश देने के बाद भी किस परिस्थिति में कार्यालय के अंदर बैठ कर अवैध उगाही व सरकारी कागजात के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी. पूरे प्रकरण के स्टिंग ऑपरेशन बाद प्रभात खबर में छपी खबर का जिक्र करते हुए प्रधान लिपिक सहित दो कर्मियों को जवाब देने को कहा गया है.
डीएम के कड़े रुख से हड़कंप
प्रभात खबर में रिश्वतखोरी प्रकरण से जुड़ी खबर छपने के बाद डीएम के कड़े रुख से रिश्वत के काले कारोबार की मलाई खाने वालों में हड़कंप है. उधर, शुक्रवार को जिला अभिलेखागार में चाक-चौबंद व्यवस्था नजर आयी. न कोई भीड़ और न ही बिचौलियों का जमावड़ा कार्यालय के आसपास दिख रहा था. सब कुछ सामान्य. इधर, कार्यालय के प्रधान लिपिक श्री मंडल के अनुसार रिश्वतखोरी प्रकरण से उनका कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने बताया कि पिछले दरवाजे से काम करवाने के लिए बिचौलियों द्वारा उन पर तरह-तरह से दबाव दिया जाता है. इसकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को पहले भी दी गयी थी.
फरजी कर्मचारी ने काम के एवज में लिए थे दो सौ रुपये
समाहरणालय परिसर में स्थित जिला अभिलेखागार कार्यालय में गुरुवार को काम करवाने के एवज में रिश्वतखोरी के बोलबाला का पूरा कच्चा-चिठ्ठा स्टिंग ऑपरेशन में कैद होने के बाद बवाल मच गया.
जमालपुर से नकल निकालने पहुंचे पंकज कुमार से कार्यालय में बैठे फरजी कर्मचारी ने काम के एवज में 200 ऐंठ लिये. इसी तरह मोरकाही के विलेचन यादव से भी 200 रुपये की नाजायज वसूली का पूरा कारनामा कैमरे में कैद होने के बाद कर्मचारी व दलालों के बीच हड़कंप है. पूरे मामले में कार्यालय कर्मियों की संलिप्तता की बात कही जा रही है.
