तत्कालीन थानाध्यक्ष ने डीएम, एसपी व सीएस को भेजी थी क्लिनिक की कारगुजारी की पूरी रिपोर्ट
रिपोर्ट में सोनवर्षा घाट स्थित क्लिनिक में इलाज के नाम पर हो रहे खिलवाड़ का है पूरा कच्चा-चिठ्ठा
थानाध्यक्ष की रिपोर्ट के बाद दो सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने क्लिनिक की जांच कर सीएस को सौंपी रिपोर्ट
भागलपुर से लेकर बेगूसराय के चार चिकित्सकों का बोर्ड टांग कर क्लिनिक में सभी प्रकार के ऑपरेशन का दावा
खगड़िया : चौथम के सोनवर्षा घाट स्थित एक निजी क्लिनिक के नाम पर बिना वैध डिग्री के ही चिकित्सक द्वारा ऑपरेशन सहित अन्य इलाज का मामला प्रकाश में आया है. चौथम के तत्कालीन थानाध्यक्ष शशि कुमार ने डीएम, एसपी सहित सिविल सर्जन को भेजी गयी रिपोर्ट में निजी क्लिनिक के संचालक पंकज कुमार सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की है.
इधर, थानाध्यक्ष की रिपोर्ट के बाद सिविल सर्जन ने दो सदस्यीय चिकित्सकों की जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच का आदेश दिया था. इसकी जांच रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी गयी है. इसमें निजी क्लिनिक में कई गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है. उधर, जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएस डॉ रासबिहारी सिंह ने इसे काफी गंभीर मामला मानते हुए संबंधित क्लिनिक संचालक पर प्राथमिकी सहित अन्य कार्रवाई के संकेत दिये हैं.
रिपोर्ट में कई गंभीर आरोप
चौथम के तत्कालीन थानाध्यक्ष शशि कुमार द्वारा डीएम, एसपी व सीएस को भेजी रिपोर्ट में श्री कृष्णा पॉली क्लिनिक संचालक पंकज कुमार सिंह पर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि बिना वैध डिग्री के ही डॉ पकंज कुमार सिंह द्वारा ऑपरेशन से लेकर दूसरे तरह के इलाज किये जा रहे हैं. 23 दिसंबर को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि बिना वैध डिग्री के रोगी के ऑपरेशन सहित दूसरे इलाज के कारण कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है. इससे विधि व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
इस तरह क्लिनिक खोल कर ग्रामीण भोली-भाली जनता का इलाज करना काफी गंभीर मामला है. तत्कालीन थानाध्यक्ष ने चौथम प्रखंड के सोनवर्षा घाट स्थित उक्त नर्सिंग होम के संचालक डॉ पंकज कुमार सिंह के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की है.
जांच टीम ने क्या दी रिपोर्ट
थानाध्यक्ष की रिपोर्ट बाद सीएस ने जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ एससी मंडल व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवनंदन पासवान की दो सदस्यीय टीम का गठन कर जांच का निर्देश दिया था. टीम द्वारा सौंपे गये जांच रिपोर्ट में भी कई गड़बड़ी का खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार सोनवर्षा घाट स्थित श्री कृष्णा पॉली क्लिनिक के सामने बेगूसराय सहित दूसरे शहरों में कार्यरत चिकित्सकों का बोर्ड टांग कर ऑपरेशन से लेकर गुप्त रोग, छाती रोग, स्त्री रोग, बांझपन, नस रोग, लकवा, चर्म रोग सहित ऑपरेशन तक किये जाने का दावा किया गया है.
मौके पर पहुंची जांच टीम ने जब क्लिनिक संचालक डॉ पंकज कुमार सिंह से प्रमाण पत्र दिखाने को कहा, तो बीएएमएस के अंतिम वर्ष का छात्र होने की बात कही गयी, लेकिन इससे जुड़े प्रमाण पत्र नहीं दिखाये गये.
ऑपरेशन से जुड़े अिभलेख नहीं थे
जांच के वक्त क्लिनिक में पूनम देवी (पति विपिन सिंह, चोढ़ली बेलदौर) भरती थीं. उनके गॉल ब्लैडर का आपरेशन पांच जनवरी को किया गया था. पर, उससे जुड़े कोई अभिलेख क्लिनिक में नहीं थे. इसी तरह बेलदौर प्रखंड के दाढ़ी पचाठ गांव की अमोला देवी के यूटरस का ऑपरेशन किया गया था.
उसके भी अभिलेख नहीं दिखाये गये. रोगी ने बताया कि डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है. इसकी फीस डॉ पंकज कुमार सिंह को जमा किया है. पर, ओपीडी रजिस्टर सहित अन्य कोई अभिलेख नहीं दिखाये गये. आसपास के ग्रामीणों ने पूछताछ के क्रम में बताया कि यहां ऑपरेशन सहित इलाज किया जाता है. कभी-कभी बाहर से डॉक्टर साहब आते हैं, लेकिन स्थायी तौर पर डॉ पंकज ही क्लिनिक में रहते और देखभाल व इलाज करते हैं.
