डॉ ऋषिकेश नंदन पर प्राथमिकी

खगड़िया : ग्रीन हेल्थ कार्ड प्रकरण के सूत्रधार कथित डॉ ऋषिकेश नंदन पर शिकंजा कसते हुए मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है. तीन सदस्यीय चिकित्सकों की जांच रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन डॉ रासबिहारी सिंह ने प्राथमिकी दर्ज करवा कर पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है. […]

खगड़िया : ग्रीन हेल्थ कार्ड प्रकरण के सूत्रधार कथित डॉ ऋषिकेश नंदन पर शिकंजा कसते हुए मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है. तीन सदस्यीय चिकित्सकों की जांच रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन डॉ रासबिहारी सिंह ने प्राथमिकी दर्ज करवा कर पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है.

सीएस श्री सिंह ने बताया कि टीम की जांच रिपोर्ट में संसारपुर स्थित निजी क्लिनिक चलाने वाले डॉ ऋषिकेश नंदन की डिग्री को भ्रमित करने वाला बताया गया है. ग्रीन हेल्थ कार्ड को अवैध मानते हुए टीम ने पूरी योजना पर ही सवाल खड़े किये हैं. इसके अलावा क्लिनिक को भी अवैध माना गया है.

बता दें कि बीते दिनों बीडीओ व प्रभारी सीएस की छापेमारी के बाद प्रभात खबर ने ग्रीन हेल्थ कार्ड प्रकरण पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था. इसके बाद डीएम साकेत कुमार ने पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया था.

कैंसर अनुसंधान की नहीं ली इजाजत
तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम द्वारा सिविल सर्जन को सौंपी गयी जांच रिपोर्ट में डॉ नंदन की होमियोपैथिक की डिग्री को संदेहास्पद बताते हुए संबंधित संस्थान में जांच की जरूरत जतायी गयी है. इतना ही नहीं महेन्द्र नाथ कैंसर अनुसंधान केंद्र के नाम से संचालित क्लिनिक का भी कोई निबंधन नहीं पाया गया. साथ ही कैंसर के इलाज के दावे को भी अवैध माना गया है. जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि संसारपुर में क्लिनिक चला रहे डॉ ऋषिकेश नंदन के पास कैंसर से संबंधित इलाज का कोई प्रमाण पत्र नहीं है. साथ ही डॉ नंदन की डिग्री की जांच के दौरान भी कई खुलासे हुए हैं. टीएमइएच मेडिकल व हॉस्पिटल खगड़िया से उत्तीर्ण डॉ नंदन के प्रमाण पत्र पर बोर्ड ऑफ इलेक्ट्रो होमियोपैथिक मेडिकल बिहार लिखा हुआ है,
जो डिग्री को संदेहास्पद बना रहा है. हालांकि सिविल सर्जन डाॅ सिंह ने कहा कि संबंधित कॉलेज से डॉ नंदन की डिग्री की जांच के लिए पत्र भेजा जायेगा. इतना नहीं जांच रिपोर्ट में ग्रीन हेल्थ कार्ड निर्गत करने को गलत मानते हुए कहा गया है कि इसके लिये कहीं से स्वीकृति नहीं ली गयी है.
बीडीओ की छापेमारी में सामने आया था मामला
शंका होने पर ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की, तो मुफस्सिल थाना क्षेत्र संसारपुर गांव में संचालित निजी क्लिनिक में गुरुवार को छापेमारी की गयी. छापेमारी दल में प्रभारी सीएस डॉ वाई प्रयासी, सदर बीडीओ रवि रंजन की जांच के दौरान ग्रीन हेल्थ कार्ड के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है. साथ ही उनका क्लिनिक सरकारी प्रावधान के अनुसार स्वास्थ्य विभाग से निबंधित भी नहीं पाया गया. इसके बाद मौके से सारे कागजात को जब्त कर क्लिनिक को सील कर दिया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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