फाइलों में सिमटी हैं गोशाला की जांच रिपोर्ट

खगड़िया : खगड़िया गोशाला की जांच रिपोर्ट फाइलों में ही सिमटकर रह गयी. गोशाला कमेटी के एक सदस्य महेश्वर प्रसाद सिंह की शिकायत पर पिछले वर्ष ही प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश पर गोशाला की जांच हुई थी. जांच तो हुई लेकिन जांच रिपोर्ट के आलोक में व्यापक पैमाने में गड़बड़ी व मनमानी की बातें सामने […]

खगड़िया : खगड़िया गोशाला की जांच रिपोर्ट फाइलों में ही सिमटकर रह गयी. गोशाला कमेटी के एक सदस्य महेश्वर प्रसाद सिंह की शिकायत पर पिछले वर्ष ही प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश पर गोशाला की जांच हुई थी. जांच तो हुई लेकिन जांच रिपोर्ट के आलोक में व्यापक पैमाने में गड़बड़ी व मनमानी की बातें सामने आयी थी. शिकायतकर्ता ने लगभग एक दर्जन बिंदुओं पर शिकायत की थी. जिसमें पांच के दौरान अधिकांश शिकायतें सच पायी गयी. जांच में यह बातें सामने आयी थी कि खगड़िया गोशाला में विभाग के नियम नहीं बल्कि वहां के मंत्री द्वारा बनाये गये नियमों से कार्य होते हैं.

आरोप था कि लाखों रुपये की लागत से गोशाला परिसर अवस्थित मकान का जीर्णोद्धार कराया गया. निर्माण के पूर्व न तो तकनीकी पदाधिकारी से प्राक्कलन बनाया गया और न ही गोशाला कमेटी के सदस्यों से निर्माण की स्वीकृति ली गयी. जांच पदाधिकारी सह कार्यपालक दंडाधिकारी ने इसी रिपोर्ट एसडीओ के माध्यम से जिला स्तर पर भेजी. जांच में यह बातें सामने आयी कि गोशाला की जमीन व स्टॉल के आवंटन में पारदर्शिता नहीं रखी जाती है.

इसके अलावे गोशाला का कई वर्षों से ऑडिट नहीं कराया गया है. सूत्र की मानें तो जांच में गड़बड़ी व मनमानी सामने आने के बाद तत्कालीन एसडीओ सह गोशाला कमेटी के अध्यक्ष सुनील ने गोशाला के मंत्री से स्पष्टीकरण भी मांगा था. लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हो पायी. इधर गोशाला मामले की जांच के आदेश राज्य स्तर से भी दिये गये हैं. आरटीआइ कार्यकर्ता शैलेंद्र सिंह तरकर की शिकायत पर राज्यपाल कार्यालय द्वारा मत्स्य व पशु पालन विभाग को जांच सौंपी गयी है. शिकायतकर्ता ने सदस्यों के चयन में मनमानी सहित कई गड़बड़ी की शिकायत राज्यपाल से की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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