ट्रैक्टर ने बालक को रौंदा, मौत

घटना बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक को बनाया बंधक, मारपीट की भी सूचना ढाई वर्ष का था मृतक प्रियांशु कुमार सीओ-बीडीओ के आश्वासन पर टूटा जाम सूचना पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को ग्रामीणों से छुड़ा कर लाया थाना बिना नंबर की गाड़ी व डाला को पुलिस ने किया जब्त अलौली : थाना क्षेत्र के […]

घटना बाद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक को बनाया बंधक, मारपीट की भी सूचना

ढाई वर्ष का था मृतक प्रियांशु कुमार

सीओ-बीडीओ के आश्वासन पर टूटा जाम

सूचना पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को ग्रामीणों से छुड़ा कर लाया थाना

बिना नंबर की गाड़ी व डाला को पुलिस ने किया जब्त

अलौली : थाना क्षेत्र के अलौली खगड़िया मुख्य पथ पर मोरकाही तिलकनगर के बीच रविवार को अलौली से खगड़िया की ओर से आ रही बिना नंबर के ट्रैक्टर ने ढाई साल के बच्चे को रौंद दिया. जिसके बाद अनियंत्रित ट्रैक्टर समीप में बने घर में जा घुसा.घटना में घायल ढाई वर्षीय प्रियांशु कुमार की अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही मौत हो गयी.

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने ट्रैक्टर चालक को बंधक बना लिया. साथ ही ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर चौकी लगाकर जाम कर दिया. जिस कारण ढाई घंटे तक सड़क पर परिचालन बंद रहा. मौके पर पहुंचे अंचलाधिकारी चौधरी वसंत कुमार सिंह, बीडीओ राकेश कुमार, थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार , एएसआई उमा शंकर रजक ने काफी मशक्कत कर हंगामा को शांत कराया. मृतक परिजन को कबीर अंत्येष्ठि योजना का लाभ देने की घोषणा बीडीओ राकेश कुमार ने करते हुए लोगों को शांत कराया.

जानकारी अनुसार ट्रैक्टर व डाला बिना नंबर का था. ट्रैक्टर मालिक गणेशी पासवान एलाश चौक का रहने वाला है. बताया जाता है कि ट्रैक्टर मालिक का पुत्र ही घटना के वक्त वाहन चला रहा था.

चंदा देने के डर से तेज गति से ट्रैक्टर चला रहा था चालक

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान समय में जगह जगह सरस्वती पूजा का चंदा लेने के लिए युवकों की टोली सड़क पर जमा रहता है. चंदा लेने वालों के डर से चालक अपने ट्रैक्टर को तेज गति से ले जा रहा था. जो असंतुलित हो गया और प्रियांशु को रौंदते हुए पास के फूस की झोपड़ी में घुसा. लेकिन झोपड़ी में लोग नहीं थे.

थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लाश को पोस्टमार्टम में भेज दिया गया है. इधर, ढाई घंटे तक सड़क जाम रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बता दें कि तिलक नगर एवं इचरूआ के बीच मुख्य मार्ग पर दर्जनों इस तरह की दुर्घटनाएं पूर्व में भी हो चुकी है.

मार्केटिंग के फंडे पर ग्रीन हेल्थ कार्ड का धंधा !

ग्रीन हेल्थ कार्ड लेने वालों में अधिकांश ग्रामीण इलाकों के गरीब तबके के लोग शामिल हैं. इलाज में बड़े -बड़े दावे, निजी क्लिनिक की फीस में 50 प्रतिशत तक की छूट जैसे कई सपने दिखा कर लाखों रुपये की वसूली के ठगे जाने के एहसास के बाद डीएम से इसकी शिकायत की गयी.

जिसके बाद संसारपुर स्थित डॉ ऋषिकेश नंदन के बगैर निबंधन वाले निजी क्लिनिक में छापेमारी भी की गयी. इधर, पूरे प्रकरण की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय चिकित्सकों के टीम द्वारा पूरी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दिये जाने की खबर है. बहरहाल ठगी के शिकार गरीबों को संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई व ठगे गये रुपये वापस मिलने का बेसब्री से इंतजार है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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