तीन माह में 21 लाख का गोलमाल

खगड़िया : भ्रष्टाचार’ के करंट से विद्युत विभाग को करारा झटका लगा है. बिजली बिल में हेराफेरी कर बीते तीन महीने से करीब 21 लाख रुपये का गोलमाल करने का खुलासा होते ही विभागीय अधिकारी सकते में हैं. आननफानन में भले ही संबंधित कार्यपालक सहायक व मीटर रीडर एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी है, […]

खगड़िया : भ्रष्टाचार’ के करंट से विद्युत विभाग को करारा झटका लगा है. बिजली बिल में हेराफेरी कर बीते तीन महीने से करीब 21 लाख रुपये का गोलमाल करने का खुलासा होते ही विभागीय अधिकारी सकते में हैं. आननफानन में भले ही संबंधित कार्यपालक सहायक व मीटर रीडर एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी है,

लेकिन पूरे खेल में कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बतायी जाती है. तभी तो अधिकारियों के नाक के नीचे कम्प्यूटर में हेराफेरी कर गोलमाल को अंजाम दिया जा रहा था. हालांकि विद्युत विभाग के अधिकारी से इसे सिरे से नकारते हुए पूरी गड़बड़ी के लिये कार्यपालक सहायक व मीटर रीडर एजेंसी को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं. उधर, प्राथमिकी के बाद से कार्यपालक सहायक दिलीप साह सहित कई मीटर रीडर फरार बताये जा रहे हैं. साथ ही आरोप के घेरे में आये मीटर रीडर एजेंसी से विभाग ने काम लेना बंद कर दिया है.

विद्युत कार्यालय पिछले दरवाजे से बिजली बिल में हेराफेरी का खेल बड़े निराले ढंग से खेला जा रहा था. बिजली बिल में कमी करने का झांसा देकर कार्यपालक सहायक व मीटर रीडर सहित अन्य हर महीने लाखों रुपये का चूना सरकार को लगा रहे थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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