नन्हीं आखें ढूंढ रहीं परिजनों को

नन्हीं आखें ढूंढ रहीं परिजनों कोफोटो है 8 मेंकैप्सन- सीमा देवी साथ बच्ची रूपम प्रतिनिधि, महेशखूंट परिजनों से मिलने के लिए रूपम परेशान है. रूपम दो दिनों से महेशखूंट थाना क्षेत्र के पकरैल पंचायत के बिंदटोल में सीमा देवी के पास रह रही है. रूपम अपने पिता का नाम विनोद रजक व दादा का नाम […]

नन्हीं आखें ढूंढ रहीं परिजनों कोफोटो है 8 मेंकैप्सन- सीमा देवी साथ बच्ची रूपम प्रतिनिधि, महेशखूंट परिजनों से मिलने के लिए रूपम परेशान है. रूपम दो दिनों से महेशखूंट थाना क्षेत्र के पकरैल पंचायत के बिंदटोल में सीमा देवी के पास रह रही है. रूपम अपने पिता का नाम विनोद रजक व दादा का नाम विजो रजक गांव तिरासी बता रही है. रूपम ननिहाल से खो जाने की बात बता रही है. रूपम ने अपने नाना का नाम नथन रजक व मामा का नाम दिलीप रजक बताया. रूपम को अपने घर में रखने वाली सीता देवी नेे बताया कि वह अपनी बेटी की ससुराल फतेहपुर गयी हुई थीं. घर आने के क्रम में बलिया बाजार में रूपम ने उनका हाथ पकड़ लिया. उन्होंने जब रूपम से बात की, तो उसने घर जाने की बात कही. रूपम जलकौरा बाजार के बारे में जिक्र करती है.

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