खानापूर्ती का केंद्र बना लोक शक्षिा केंद्र

खानापूर्ती का केंद्र बना लोक शिक्षा केंद्र गोगरी. गांव व पंचायत स्तर पर लोगों में शत प्रतिशत साक्षरता लाने के उद्देश्य से साक्षर भारत मिशन के तहत प्रखंड क्षेत्र में खोले गये लोक शिक्षा केंद्र सिर्फ खानापूर्ती का केंद्र बन कर रह गया है. अधिकारियों एवं लोक शिक्षा समिति के उदासीनता के कारण पंचायत स्तर […]

खानापूर्ती का केंद्र बना लोक शिक्षा केंद्र गोगरी. गांव व पंचायत स्तर पर लोगों में शत प्रतिशत साक्षरता लाने के उद्देश्य से साक्षर भारत मिशन के तहत प्रखंड क्षेत्र में खोले गये लोक शिक्षा केंद्र सिर्फ खानापूर्ती का केंद्र बन कर रह गया है. अधिकारियों एवं लोक शिक्षा समिति के उदासीनता के कारण पंचायत स्तर पर चल रहे लोक शिक्षा केंद्रों कर दयनीय स्थिति बनी है. जहां निरक्षर को साक्षर बनाने का कार्य सिर्फ पंजियों तक सीमित है. कहीं केंद्र खुलता नहीं तो कहीं खुला तो निरक्षर का पता नहीं रहता है. जिसका उदाहरण क्षेत्र के राटन, बसुआ,दक्षिणी जमालपुर, इटहरी स्थित केंद्रों पर देखा जा सकता है. जो कब खुलता व बंद होता है,लोगों को पता तक नहीं चलता. बताते चलें कि निरक्षर को साक्षर बनाने हेतु वर्ष 2012 में साक्षर भारत मिशन के तहत पंचायत स्तर पर प्रत्येक पंचायत में एक-एक लोक शिक्षा केंद्र खोला गया. आरंभ के समय में केंद्र की दयनीय स्थिति देख केंद्रों को मध्य विद्यालय में स्थानांतरित किया गया तथा प्रधानाध्यापक को वित्तीय प्रभार देने के साथ देख-रेख का जिम्मा भी सौंपा गया तथा केंद्र के प्रेरक एवं वरीय प्रेरक को उनके देख -रेख में ही केंद्र संचालन करने कर निर्देश दिया गया. इसके बावजूद भी केंद्र की स्थिति में अब तक सुधर नहीं हो सका . जहां साक्षरता के नाम पर सिर्फ खानापूर्ती की जा रही है. प्रखंड लोक शिक्षा समिति समन्वयक दिनेश पासवान के अनुसार केंद्र चल रहा है, हांलांकि चुनाव के कारण कर्मियों को मतदाता जागरूकता कार्य में लगाये जाने से केंद्र कुछ प्रभावित हुआ. जो व्यवस्थित किया जा रहा है. इसको लेकर वे सजग हैं, केंद्र नियमित नहीं चलाने वालों पर जांच कर कार्रवाई होगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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