मंगरेला की खेती कर सबल बन रहे किसान फोटो है 15 मेंकैप्सन- मंगरेला की लहराती फसल प्रतिनिधि, गोगरीमंगरेला की खेती कर किसान सबल बन रहे हैं. हालांकि मंगरेला की खेती का प्रचलन स्थानीय किसानों के बीच काफी कम है. पर, प्रखंड के पितौंझिया गांव के बहियार में लाल बिहारी चौरसिया ने दूसरी बार क्षेत्र में मंगरैला की खेती बड़े पैमाने पर की है. पिछले वर्ष भी इन्होंने मंगरैला की खेती कर अच्छी पैदावार की थी. कितना आता है खर्च किसान लाल बिहारी ने बताया की फसल लगाने से लेकर काटने तक प्रति एक बीघा में खर्च तीन से चार हजार रुपये लगते हैं और फसल तैयार होने तक प्रति एक बीघा में 30 से 35 हजार की आमदनी हो जाती है. पहली बार की थी मंगरेला की खेतीखेत खाली होने पर किसान ने चार बीघा में मंगरैला की खेती की है. सिंचाई के निजी संसाधन का लाभ उठाते हुए उन्होंने प्रखंड में पहली बार मंगरैला की खेती की थी. पिछली बार उन्होंने एक बीघा में ही मंगरैला की फसल बोयी थी, जो पूरी तरह से नहीं उगी. इसके बावजूद किसान लाल बिहारी चौरसिया को अच्छा मुनाफा हुआ था. इस वर्ष खेतों में उगे पौधे और स्वस्थ पेड़ों की खेती देख कर वह बेहद खुश हैं. उन्होंने बताया कि यह फसल अक्तूबर में बोयी जाती है और मार्च के महीने में काटी जायेगी. लालबिहारी ने बताया कि उन्होंने मंगरैला की खेती का दूसरी बार प्रयोग किया है, जिससे अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है.
मंगरेला की खेती कर सबल बन रहे किसान
मंगरेला की खेती कर सबल बन रहे किसान फोटो है 15 मेंकैप्सन- मंगरेला की लहराती फसल प्रतिनिधि, गोगरीमंगरेला की खेती कर किसान सबल बन रहे हैं. हालांकि मंगरेला की खेती का प्रचलन स्थानीय किसानों के बीच काफी कम है. पर, प्रखंड के पितौंझिया गांव के बहियार में लाल बिहारी चौरसिया ने दूसरी बार क्षेत्र में […]
