परेशानी. टेक होम राशन वितरण में आइसीडीएस विभाग लापरवाह
खगड़िया : सदर प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीएचआर वितरण में बाल विकास परियोजना विभाग लापरवाह बना हुआ है. लिहाजा सदर प्रखंड के करीब 17472 लाभुकों के पोषाहार पर संकट के बादल छाये हुए हैं.
इधर, सेविका संघ द्वारा जीविका द्वारा आपूर्ति किये गये टीएचआर पैकेट वितरण करने से इंकार करने के बाद स्थिति और विकट हो गयी है. वहीं आइसीडीएस विभाग की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 दिनों से निर्धारित स्थान पर धूल फांक रहे टीएचआर के पैकेट का वितरण तो दूर अब तक जांच में ही विभाग उलझा हुआ है. डीपीओ को सौंपे गये जांच रिपोर्ट में जीविका द्वारा सप्लाई किये गये टीएचआर में कीड़ा सहित अन्य गड़बड़ी की बात कही गयी है. जबकि जीविका वालों ने आइसीडीएस विभाग की जांच रिपोर्ट को झूठा मानते हुए किसी भी गड़बड़ी से इंकार किया है.
सेविका संघ की अध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि टीएचआर के पैकेट में कीड़ा पाये जाने के बाद किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत सेविकाओं ने इसके वितरण से हाथ खड़े कर लिये हैं. पहले आइसीडीएस विभाग यह लिख कर दे कि अगर जीविका के टीएचआर के सेवन से कोई अनहोनी होती है तो इसके लिये जीविका व आईसीडीएस विभाग जिम्मेवार होगा तभी इसके वितरण के बारे में सोचा जा सकता है.
ये कैसी जांच रिपोर्ट
डीपीओ को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सन्हौली स्थित एक केंद्र पर सप्लाई किये गये टीएचआर पैकेट की जांच के दौरान काले काले पदार्थ पाये गये हैं. जिसके बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि कीड़ा हो सकता है. अब ऐसे में सवाल उठता है कि सीडीपीओ द्वारा ग्रामीणों के कंधे पर बंदूक चलाने की क्यों जरूरत पड़ गयी? लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक आईसीडीएस विभाग ने जीविका को टीएचआर में पायी गयी गड़बड़ी को लेकर कोई पत्र तक भेजना मुनासिब नहीं समझा है. बता दें कि दिसंबर महीने में जीविका द्वारा खगडि़या प्रखंड के 100 केंद्रों के लिये टेक होम राशन पैकेट की आपूर्ति की गयी. जिसके बाद से ही हो हंगामा शुरू हो गया.
कब सुधरेगी स्थिति
खगडि़या सदर प्रखंड में संचालित सभी 312 आंगनबाड़ी केंद्रों पर टेक होम राशन की आपूर्ति से जीविका ने हाथ खड़े कर दिये हैं. दिसंबर महीने मंे 100 केंद्रों के लिये टेक होम राशन की आपूर्ति जीविका द्वारा की गयी. जीविका द्वारा टेक होम राशन सप्लाई के बाद उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.
पहले सेविका द्वारा कड़ा विरोध अब महिला पर्यवेक्षिका/सीडीपीओ की जांच में टेक होम राशन के पैकेट में गड़बड़ी सामने आने के बाद जीविका व बाल विकास परियोजना विभाग आमने-सामने आ गये हैं. बता दें कि प्रत्येक केंद्र के आठ-आठ गर्भवती व धात्री महिलाओं व 40 बच्चों सहित कुल 56 लाभुकों को सूखा राशन का वितरण हर महीने किया जाना है. लेकिन खगडि़या में जीविका के इस काम में कूदने के बाद हायतौबा मची हुई है.
