मुआवजा के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रहे किसान अधिकारी कुछ बताने से करते हैं इनकारप्रतिनिधि, पसराहा बीते वर्ष हुई ओलावृष्टि व आंधी में नष्ट हुए फसल की क्षतिपूर्ति मुआवजा के लिए किसान कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. परबत्ता प्रखंड के दर्जनों किसानों को सरकार द्वारा सिंचाई के लिए मिलने वाली दस लीटर प्रति बीघा डीजल अनुदान का लाभ कब तक मिलेगा. इसका सार्थक जवाब किसानों को नहीं मिल रहा है. किसान आवेदन हाथ में लेकर गोगरी प्रखंड एवं परबत्ता प्रखंड का चक्कर लगाते रहे हैं. बाद में किसानों को पता चलेगा की आवेदन करने कि तिथि समाप्त हो गयी. उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष ओलावृष्टि एवं आंधी में नष्ट हुए फसल कि क्षति पूर्ति का लाभ गोगरी अनुमंडल के उन किसानों को नहीं मिला. जिसका घर परबत्ता प्रखंड में और उन किसानों को जिनका जमीन गोगरी प्रखंड के कई मौजा में है. किसान को यह कह कर मुआवजा का लाभ नहीं दिया जा रहा कि उनका घर परबत्ता प्रखंड में है और जमीन गोगरी में है. दोनों प्रखंड के सीमावर्ती इलाका होने के कारण किसानों को मुआवजा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में किसानों को मुआवजा का लाभ मिलेगा या नहीं यह तो आने वाला समय ही बतायेगा. कहते हैं एसडीओ अनुमंडल पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि वैसे किसान जिनका घर परबत्ता प्रखंड और खेती करने वाली जमीन गोगरी प्रखंड में है. उन किसान को इन योजना का लाभ मिले इसके लिए उच्च अधिकारी से मार्ग दर्शन लिया जायेगा.
मुआवजा के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रहे किसान
मुआवजा के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रहे किसान अधिकारी कुछ बताने से करते हैं इनकारप्रतिनिधि, पसराहा बीते वर्ष हुई ओलावृष्टि व आंधी में नष्ट हुए फसल की क्षतिपूर्ति मुआवजा के लिए किसान कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. परबत्ता प्रखंड के दर्जनों किसानों को सरकार द्वारा सिंचाई के लिए मिलने वाली दस लीटर प्रति […]
