कब... कहां... मौत के आगोश... का सड़क कर रही इंतजार

कब… कहां… मौत के आगोश… का सड़क कर रही इंतजार एनएच 31 पर चलने में अब लगने लगा है डर, रोज कहीं ना कहीं हो रहा सड़क हादसा जिले की विभिन्न सड़कों पर हादसे में मौत से छीन रही परिवार की खुशियां पितोझिया ढाला से सतीश नगर एनएच 31 के बीच अब तक जा चुकी […]

कब… कहां… मौत के आगोश… का सड़क कर रही इंतजार एनएच 31 पर चलने में अब लगने लगा है डर, रोज कहीं ना कहीं हो रहा सड़क हादसा जिले की विभिन्न सड़कों पर हादसे में मौत से छीन रही परिवार की खुशियां पितोझिया ढाला से सतीश नगर एनएच 31 के बीच अब तक जा चुकी हैं दर्जनों जानें महेशखूंट चौक से परमानंदपुर होते हुए खगड़िया आना-जाना भी खतरनाक जिले की सड़कों पर रोज टूट रहे ट्रैफिक नियम, प्रशासनिक व्यवस्था नाकाफी साबित पसराहा से महेशखूंट होते हुए खगड़िया आने में थोड़ी सी चूक में जा सकती है जान लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद यह क्षेत्र दुर्घटना जोन के नाम से हुआ चर्चित खगड़िया/पसराहाएनएच 31 पर चलने में अब तो डर लगने लगा है. खासकर बाइक सवारों की एक-एक कर हुई कई मौतों ने लोगों को हिला कर रख दिया है. हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में मौत की बढ़ी रफ्तार ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है. तमाम प्रशासनिक दावे के बीच सड़क दुर्घटनाओं में मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. थोड़ी सी लापरवाही लोगों को जान देकर चुकानी पड़ रही है. शायद ही कोई ऐसा दिन होगा, जब जिले से होकर गुजरने वाली एनएच 31 पर दुर्घटनाएं न हों. वाहन चालक एनएच पर वाहन चलाने से परहेज करने लगे हैं. लोग एनएच पर चलने को मजबूरी मान रहे हैं. बच्चों पर रखें खास नजर एनएच पर रोज हो रही छोटी से बड़ी घटनाओं से वाहन चालक संशकित हैं. वहीं अभिभावक अपनों को एनएच पर चलने की मनाही कर रहे हैं. साथ ही सुरक्षा से संबंधित कई सलाह दे रहे हैं. एनएच पर यात्रा करना लोगों के लिए मुश्किलों से भरा हो गया है. खासकर महिलाओं व बच्चों को पैदल सफर करना भी कम जोखिम भरा नहीं है. इस वर्ष 19 लोगों की सड़क हादसे में हुई मौत पसराहा प्रतिनिधि के अनुसार, थाना क्षेत्र के पितौंझिया ढाला से सतीश नगर एनएच 31 पर जनवरी से 28 दिसंबर तक 19 लोगों की जान जा चुकी है. साथ ही दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं. पसराहा थाना क्षेत्र का एनएच 31 पूर्व से ही धसान क्षेत्र के नाम से जाना जाता था, लेकिन लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद यह क्षेत्र दुर्घटना जोन के नाम से जाना जाने लगा है. हालांकि राष्ट्रीय पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़क के किनारे दुर्घटना को कम करने के उद्देश्य से कई जगह बोर्ड लगा कर सूचना दी गयी है. इसके बावजूद वाहन चालक पसराहा जोन में आते ही अपने वाहन कि गति को तेज कर देते हैं. इससे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. क्या हैं दुर्घटना के कारणपसराहा थाना क्षेत्र के पितौझिया ढाला से सतीश नगर के बीच की दूरी लगभग 19 किलोमीटर बताया जाती है. इन 19 किलोमीटर की दूरी में सड़क के किनारे दो दर्जन छोटे-बड़े लाइन होटल हैं. यहां सड़क पर ही ट्रक का ठहराव अवैध ढंग से किया जाता है. इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है. अगर स्थानीय प्रशासन इन होटल मालिकों और वाहन चालकों को सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करने से मना करे, तो कुछ हद तक सड़क दुर्घटनाओं में कमी हो सकती है. कहते हैं थानाध्यक्षथानाध्यक्ष रामदुलार प्रसाद ने बताया कि एनएच 31 के किनारे बने होटल मालिकाें को सड़क के किनारे वाहन नहीं लगाने का निर्देश दिया जायेगा. जिस होटल के सामने सड़क पर वाहन खड़े मिलेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. एक अस्पताल खुले तो होगी राहत थाना क्षेत्र के ग्रामीण दिनेश कुमार, जयचंद , नवीन, विपिन यादव ने बताया कि इस क्षेत्र में अस्पताल नहीं रहने के कारण दुर्घटना में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए यहां से लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है. इससे कई घायल तो समय से इलाज नहीं मिलने के कारण ही दम तोड़ देते हैं. इस क्षेत्र में एक अस्पताल खुलने से प्राथमिक उपचार कर कुछ हद तक घायलों की जान बचायी जा सकती है.

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