खगड़िया: जिले का एनएच 31 अब खूंखार हो चुका है. जब से सड़क चिकनी हुई है, प्रत्येक दिन कम से कम एक की मौत तो सड़क हादसे में हो ही रही है. पर इसकी रोकथाम के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाये जा रहे हैं. खगड़िया से पसराहा तक एनएच पर अब तक कई बड़े हादसे हो चुके हैं.
लोगों का कहना है परिवहन विभाग में हर जगह अब दलालों का बोल बाला हो गया है. इस कारण ऐसे लोगों को भी लाइसेंस मिल जाता है, जिन्हें वाहन चलाने का अनुभव ही नहीं है या फिर जो वाहन चलाना सीख रहे हैं. ऐसे लोग एनएच पर आने के बाद चिकनी सड़क देखते ही अपने मन पर काबू नहीं रख पाते हैं और स्पीड पर उनका कोई कंट्रोल नहीं रहता है. इस कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं. इसके अलावा ऐसे चालक दूसरे वाहन की स्पीड को भी नहीं भांप पाते हैं और ओवरटेक करने के दौरान हादसा हो जाता है.
शराब पीकर वाहन चालते हैं: लगभग कई ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें चालक के नशे में होने की बात भी सामने आ चुकी है. पर, परिवहन विभाग के पास ऐसे चालकों को पकड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. लोगों का कहना है कि दिल्ली या फिर दूसरे प्रदेशों में जब लोग शराब पीकर वाहन चलाते हैं, तो उन्हें जांच कर जुर्माना किया जाता है. पर, यहां ऐसी व्यवस्था नहीं दिख रही है.
एनएच 31 पर नहीं है एक भी चेक पोस्ट: सबसे बड़ी बात यह है कि जिले के एनएच 31 पर कई थाने हैं. इनमें मुफस्सिल, मानसी, महेशखूंट तथा पसराहा आदि थाने शामिल हैं. पर, एक भी चेक पोस्ट नहीं रहने के कारण वाहन चालक बगैर किसी भय के वाहनों को तेज गति से भगाते हुए हुए काल के गाल में समा जाते हैं. अगर एनएच 31 पर इन सभी थानों द्वारा चेक पोस्ट बना दिया जाता है, तो डर से ही सही वाहन की रफ्तार पर चालक कंट्रोल रखेंगे.
एक ही परिवार के कई लोग मरे थे: सड़क हादसे में अब तक एनएच 31 पर कई लोगों की मौत हो चुकी है. यह सिलसिला पसराहा थाना क्षेत्र के एनएच 31 से शुरू हुआ था, जहां पितौङिाया ढाला के पास कार में सवार गोगरी प्रखंड के एक ही परिवार के कई लोगों की मौत हो गयी थी. इसके अलावा डीआरडीए कर्मी, कृषि सलाहकार समेत दर्जनों लोगों की मौत यहां सड़क हादसे में हो चुकी है.
