सूचना संजीत के ही मित्र ने दी, जो दुर्घटनाग्रस्त कमांडर जीप के पीछे वाले वाहन पर बैठा था. अचानक बेटे की मौत की खबर सुन कर संजीत की मां मीरा देवी एवं छोटी बहन नीतू कुमारी दहाड़ मार कर रोने लगीं, तो बड़े भाई अजीत कुमार घटनास्थल की ओर निकल पड़े. पल भर में ही खुशहाल परिवार के बीच मातम छा गया. घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ पीड़ित परिवार के घर पर जुट गयी. मृत संजीत की मां मीरा रोते-रोते बेसुध हो जा रही थीं. उन्हें भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा.
वह बार-बार यही कह रही थीं कि कोई मेरे बेटे से मिला दो, सब झूठ है, लेकिन जब इसकी जानकारी घटनास्थल पर पहुंचे उनके बड़े बेटे ने दी, तो मां पर तो मानो वज्रपात ही गिर गया. कलेजे के टुकड़े को सुबह ही तो हंसता खेलता आशीष देकर पढ़ने के लिए खगड़िया भेजा था. यह कैसी अनहोनी हो गयी. भाई में छोटा एवं बहन का लाडला नरेश सिंह का 17 वर्षीय पुत्र संजीत कुमार खगड़िया में रह कर पढ़ता था. दो दिन पूर्व ही उसे कोचिंग से छुट्टी मिली, तो मां से मिलने के लिए घर आ गया था. रविवार की सुबह 10 बजे संजीत घर से खगड़िया के लिए निकला था. बेटे की मौत से पिता बदहवास हैं. मौके पर स्थिति इतनी भयावह थी कि परिजनों को ढांढ़स बंधाने पहुंचे लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे. उधर, उसी वाहन में तिलाठी सकरोहर निवासी घनश्याम मालाकार जो बेलदौर थाने में चौकीदार हैं, गंभीर रूप से घायल हो गये. वह थाने का डाक देकर लौट रहे थे.
