खुश हैं अनुमंडल के लोग, सुलभ न्याय की बढ़ी आशा

परबत्ता. अनुमंडल मुख्यालय गोगरी में शनिवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के द्वारा अनुमंडल स्तरीय न्यायालय प्रारंभ होने के साथ ही अनुमंडल के दोनों प्रखंडों के लोगों की तीन दशक पुरानी मांग पूरी हो गयी. गोगरी विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शिवशंकर चौधरी ने बताया कि सुलभ न्याय समय की मांग है तथा इस पहल […]

परबत्ता. अनुमंडल मुख्यालय गोगरी में शनिवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के द्वारा अनुमंडल स्तरीय न्यायालय प्रारंभ होने के साथ ही अनुमंडल के दोनों प्रखंडों के लोगों की तीन दशक पुरानी मांग पूरी हो गयी. गोगरी विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शिवशंकर चौधरी ने बताया कि सुलभ न्याय समय की मांग है तथा इस पहल से लाखों लोगों को सहूलियत होगी. इस ऐतिहासिक मौके का गवाह बनने के लिये जिला मुख्यालय से भी बड़ी संख्या में राजनीतिक , सामाजिक लोग, अधिवक्तागण भी आये थे. इस कार्यक्रम में भाग लेने ग्रामीण इलाकों से सैकड़ों लोग आये थे. मुरादपुर निवासी अमित कुमार ने बताया की न्याय पाने की अभिलाषा में लोग न्यायालय जाते हैं. किंतु 50 से 60 किलोमीटर की यात्रा कर न्याय पाना एक सजा की तरह था. बिहार सरकार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद ने बताया की देर से ही सही उनका देखा सपना साकार हो रहा है. हालांकि राज्य में चल रहे विधान परिषद चुनाव के आदर्श आचार संहिता के कारण इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बतौर दर्शक ही भाग लेने की अनुमति थी. इसी वजह से इस उद्घाटन समारोह में विधि विभाग के मंत्री की बजाय सचिव स्तर के अधिकारी ने भाग लिया. गोगरी अधिवक्ता संघ के वरिष्ट सदस्य अरुण कुमार झा ने बताया कि इस दिन की प्रतीक्षा में एक पीढी गुजर गयी. वहीं अधिवक्ता अख्तर हसनैन ने शीघ्र ही फौजदारी मामलों की अदालत के गठन की कामना करते हुए बताया कि अब गरीब मुवक्किल भी अपनी सहूलियत के हिसाब से अपना पक्ष रखकर घर वापस जा सकेंगे. शनिवार को उद्घाटन के बाद प्रतीकात्क रुप से मुंसफ न्यायालय में सुनवाई भी की गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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