खगडि़या. हत्या में सहयोग करने एवं लाश गायब करने के आरोप में अतिरिक्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय कृष्ण मुरारी शरण ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. जानकारी के अनुसार धूसमुरी विशनपुर की रुसा देवी ने खगडि़या थाना में आवेदन देकर उक्त घटना की सूचना पूर्व में पुलिस को दी थी. तब जा कर मामले का उद्भेदन हुआ था और पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. आवेदक की भतीजी सनोर देवी की शादी नंदकिशोर साह के साथ हुई थी, लेकिन सनोर नंदकिशोर को पसंद नहीं थी. पति-पत्नी में बराबर मारपीट की घटना घटती रहती थी. 31 जुलाई 1994 की रात 12 बजे नंदकिशोर के घर रोने चिल्लाने आवाज आयी. आवाज सुनकर रुसा देवी जब घटनास्थल पर गयी तो वहां उसने देखा कि सनोर को परिवार वाले आंगन में घसीट कर ले जा रहे हैं. इस मामले में कुल पांच अभियुक्तों को पूर्व में सजा हो चुकी है. इसी मामले में न्यायालय ने डोमन साह को हत्या में सहयोग करने व लाश को गायब करने के आरोप में आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. ज्ञात हो कि मृतका के पति नंदकिशोर साह, जर्नादन साह सहित पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है. इस कांड में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमल किशोर सिंह तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिवजी महतो एवं राजकुमार ने अपने-अपने पक्ष रखे.
सनोर हत्याकांड में एक आजीवन कारावास
खगडि़या. हत्या में सहयोग करने एवं लाश गायब करने के आरोप में अतिरिक्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय कृष्ण मुरारी शरण ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. जानकारी के अनुसार धूसमुरी विशनपुर की रुसा देवी ने खगडि़या थाना में आवेदन देकर उक्त घटना की सूचना पूर्व में पुलिस […]
