फोटो है 5 में कैप्सन : क्षतिग्रस्त स्टील ब्रिज बेलदौर. भले ही तत्कालीन प्रतिनिधियों की अदूरदर्शिता के कारण कोसी की लाइफ लाइन कोसी-बागमती पर बना डुमरी पुल 29 अगस्त, 2010 को दम तोड़ दिया. पर, इसके कारण उत्पन्न हुए आवागमन के विकट संकट को दूर करने में जिला प्रशासन भी मुस्तैदी नहीं दिखा रहा है. इस कारण कोसी क्षेत्र विकास की दौड़ में एक दशक पीछे चला गया. धरना-प्रदर्शन, चरणबद्ध आंदोलन ने जब तुल पकड़ा, तो काफी जद्दोजहद के बाद पुल मरम्मत की फाइल आगे सरकी. बीते दिनों से काम भी चालू कर दिया गया है. अब नौका पुल के सहारे लोगों को आर पार करना पड़ रहा है. ऐसे में अगर जिला प्रशासन सक्रियता के साथ इस क्षेत्र की समस्या को दूर करने का संकल्प ले तो इस समस्या को आसानी के साथ निबटाया जा सकता है. केबल स्टे ब्रिज को बनने में अभी कम से कम दो वर्ष लगेंगे. ऐसे में अर डुमरी पुल को चालू कर दिया जाता है, तो कम से कम लोगों को भारी रकम देकर कोसी नदी को आर पार करने में सहूलियत मिलेगी. बताया जाता है कि इस पुल के माध्यम से कुछ राजनेताओं की जेब भी गरम हो रही है. इस कारण से मंत्रालय में इस पुल की मरम्मत की फाइल अटकी हुई है. राजनेताओं के ऊंचे ओहदे के कारण जिला प्रशासन भी इस मामले में ठंडा पड़ा हुआ है. लोगों ने कहा कि इस पुल को अगर सरकार चालू करना चाहती, तो कबका चालू कर दी होती, लेकिन राजनेता के प्रभाव के कारण ऐसा नहीं हो रहा है.
स्टील ब्रिज तो कम से कम चालू कराये सरकार
फोटो है 5 में कैप्सन : क्षतिग्रस्त स्टील ब्रिज बेलदौर. भले ही तत्कालीन प्रतिनिधियों की अदूरदर्शिता के कारण कोसी की लाइफ लाइन कोसी-बागमती पर बना डुमरी पुल 29 अगस्त, 2010 को दम तोड़ दिया. पर, इसके कारण उत्पन्न हुए आवागमन के विकट संकट को दूर करने में जिला प्रशासन भी मुस्तैदी नहीं दिखा रहा है. […]
