फर्जी इपिक को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू, 9683 हैं डुप्लीकेट वोटर, आधार कार्ड से जुड़ेंगे सभी इपिक

खगड़िया: डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र को समाप्त करने के लिए सभी इपिक को आधार कार्ड से जोड़ा जायेगा. आधार कार्ड बनाने में लोगों के सभी अंगुली तथा आंख की रेटिना की फोटो लिए जाते है. इसके निर्माण में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होता है. इसलिए अब निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में इपिक कार्ड […]

खगड़िया: डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र को समाप्त करने के लिए सभी इपिक को आधार कार्ड से जोड़ा जायेगा. आधार कार्ड बनाने में लोगों के सभी अंगुली तथा आंख की रेटिना की फोटो लिए जाते है. इसके निर्माण में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होता है.

इसलिए अब निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में इपिक कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने की कवायद शुरू की है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राष्ट्रीय निर्वाचक नियमावली परिशोधन एवं प्रमाणीकरण कार्यक्रम(एनइआर, पीएपी) शुरू की है. जिला स्तर पर इसका उद्घाटन गुरुवार को डीएम राजीव रोशन ने किया. जिला उप निर्वाचक पदाधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फर्जी इपिक को समाप्त करने के लिए आधार कार्ड से जोड़ना है. शत-प्रतिशत मतदाता सूची का शुद्ध करना है तथा मतदाताओं की शिकायतों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादित करना है.

इन्होंने कहा कि मतदाता सूची में अब मतदाताओं के आधार कार्ड का नंबर अंकित किया जायेगा. इससे फर्जीवाड़ा बिल्कुल ही समाप्त हो जायेगा. इन्होंने बताया कि अभी 10 से 15 प्रतिशत लोगों काही आधार कार्ड बनाया गया है. इसमें तेजी लाने के लिए राज्य स्तर से ही निर्देश दिया गया है. इन्होंने बताया कि जुलाई तक 90 प्रतिशत लोगों के आधार कार्ड बना कर उसका नंबर वोटर लिस्ट में शामिल किया जायेगा.

सही होगी मतदाता सूची
मतदाता सूची को शत प्रतिशत शुद्ध करने के लिए काफी दिनों से प्रयास चल रहा है. मतदाताओं के नाम फोटो सहित अन्य त्रुटियां के कारण यह पूर्ण रुपेण सही नहीं हो पाया है. इन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब मतदाता सूची में मौजूद गलतियां को सुधारा जायेगा. मतदाताओं की शिकायत को 15 दिनों में दूर करने की योजना है, ताकि ऐसी गलतियों को दूर किया जा सके.
चलेगा जागरूकता कार्यक्रम
जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदाताओं को इस कार्यक्रम के तहत जागरूक किया जायेगा. उन्होंने यह बताया कि एक से अधिक जगहों पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाना कानूनी अपराध है.
ऐसे मतदाताओं से नाम हटाने की अपील की जायेगी. इन्होंने कहा कि एक से अधिक से जगहों पर मतदाता सूची में नाम रखने वाले मतदाता जुलाई माह तक प्रपत्र सात में आवेदन देकर अपना नाम हटायेंगे. नहीं तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत दो जगह पर नाम रखने के आरोप में इनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है. गुरुवार को इस कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान भी अधिकारी ने इस योजना की विस्तृत जानकारी दी. डीएम ने उपस्थित राजनीति पार्टी के कार्यकर्ताओं को बताया कि जिले में नौ सौ बीएलओ कार्यरत हैं. नौ हजार 683 डुप्लीकेट मतदाता हैं. 42 हजार ऐसे मतदाता हैं जिनका एक समान इपिक नंबर हैं. इन सभी त्रुटियों को राष्ट्रीय निर्वाचक नियमावली परिशोधन व प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत शुद्ध किया जायेगा.
मौके पर थे मौजूद
मौके पर भाजपा नेता डॉ इंदू भूषण कुशवाहा, लोजपा के जिलाध्यक्ष कपिलदेव यादव, रालोसपा के जिलाध्यक्ष अमित कुमार मंटू, राजद के प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद यादव, जदयू नेता बबलू मंडल, माकपा नेता डांगे सिंह, रांकपा नेता संजय सिंह आदि मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >