अलौली. सच कहा जाता है कि डॉक्टर का व्यवहार ही रोगी की आधा चंगा कर देता है. ऐसा ही स्थिति वर्तमान में अलौली पीएचसी की है. इस लिए तो ही कहा जाता है कि यह अस्पताल सुझाव देने का केंद्र बना है. ऐसा लोग कहते हैं. 18 फरवरी से ही संविदा डॉक्टर एवं पहली मार्च से ही दंत चिकित्सक अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. इनके जिम्मे अलौली और मानसी का प्रभार है. हालांकि प्रभारी डॉक्टर एमपी सिंह अक्तूबर 2013 से इस अस्पताल में कार्यरत हैं. परंतु इनकी उपस्थिति मानसी अस्पताल में ही बनती है. अस्पताल के लेखापाल बीएचएम का कार्य संचालन कर रहे हैं.
सुझाव देने का केंद्र बना अलौली अस्पताल
अलौली. सच कहा जाता है कि डॉक्टर का व्यवहार ही रोगी की आधा चंगा कर देता है. ऐसा ही स्थिति वर्तमान में अलौली पीएचसी की है. इस लिए तो ही कहा जाता है कि यह अस्पताल सुझाव देने का केंद्र बना है. ऐसा लोग कहते हैं. 18 फरवरी से ही संविदा डॉक्टर एवं पहली मार्च […]
