जल संरक्षण को धता बता रहा विभाग गोगरी. एक तरफ जहां सरकारी स्तर पर जल संरक्षण को लेकर विभिन्न उपाय किये जा रहे हैं. वहीं दूसरी और नगर पंचायत गोगरी जमालपुर में बेकार पानी को बहाया जा रहा है. विभागीय उदासीनता के कारण नगर पंचायत में बीते चार पांच माह से रोजाना हजारों लीटर पानी बिना उपयोग के बरबाद हो रहा है. इस पर नगर पंचायत प्रशासन ध्यान दे रही है और न ही पीएचइडी विभाग ही इस ओर ध्यान दे रहा है. उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत में पेय जल आपूर्ति योजना के तहत जल मीनार के साथ नपं में लोगों को जल आपूर्ति कराना है. इसके लिए विभाग के संवेदक द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने के कारण अब तक लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है. वहीं अधूरा कार्य पड़े होने के कारण जगह जगह लगाये गये खुले नल के पाइप से घंटों सप्लाइ का पानी बहता रहता है. इससे जल की बरबादी हो रही है और लोगों को जल का लाभ भी नहीं मिल रहा है. स्थानीय लोगों की माने तो जल आपूर्ति का कार्य 2012 तक पूर्ण हो जाना था. लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण कार्य अब तक पूर्ण नहीं हुआ. वहीं जल की बरबादी को लेकर कहते हैं कि विभागीय स्तर पर जहां -जहां नल के लिए पाइप निकाले या जगह छोड़े गये हैं. वहां पर नल की टोटी लगा देनी चाहिए जिससे जल की बरबादी नहीं होगी. नगर पंचायत अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार अबतक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है. कार्य का जिम्मा पीएचडी विभाग के अधीन है. इस संबंध में उन्हें कुछ अवश्य करना चाहिए. वे इसके लिए पत्राचार करेंगे.
नगर पंचायत में बेकार का बहाया जा रहा है पानी
जल संरक्षण को धता बता रहा विभाग गोगरी. एक तरफ जहां सरकारी स्तर पर जल संरक्षण को लेकर विभिन्न उपाय किये जा रहे हैं. वहीं दूसरी और नगर पंचायत गोगरी जमालपुर में बेकार पानी को बहाया जा रहा है. विभागीय उदासीनता के कारण नगर पंचायत में बीते चार पांच माह से रोजाना हजारों लीटर पानी […]
