प्रतिनिधि, अलौलीप्रखंड मुख्यालय स्थित स्वयं सहायता समूह प्रशिक्षण भवन में बुधवार को एक सरपंच को एक प्रशिक्षक द्वारा ग्राम कचहरी का पाठ पढ़ाया जा रहा था. यह स्थिति बुधवार को सुबह 10.30 बजे देखने को मिली. जबकि प्रशिक्षण 9.30 से ही शुरू होकर 5 बजे संध्या तक चलना है. उस समय गौड़ाचक पंचायत के सरपंच सुलेखा देवी एवं प्रशिक्षक शिवनंदन महतो ही प्रशिक्षण कक्ष में देखे गये . प्रशिक्षक ने बताया कि प्रति बैच 40 प्रतिभागी एवं चार प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण व्यवस्था की गयी है. दूर से आने में देर होना स्वाभाविक ही है. जिला पंचायत राज कार्यालय ने प्रशिक्षण मेन्युअल निर्धारित किया है. जिसके अनुसार प्रशिक्षण प्रशिक्षक द्वारा संचालक किया जाना है. सभी निर्देशों को ताक पर रखा कर प्रशिक्षण कार्य पूरा किया जा रहा है. प्रशिक्षण को देखने वाले मॉनीटर को कभी भी प्रशिक्षण को देख रेख होते नहीं देखा गया. मार्ग दर्शिका में यह स्पष्ट लिखा गया है कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान अनुपस्थिति के आधार पर ही भुगतान हो बिना सूचना अनुपस्थिति नहीं हो, मार्ग दर्शिका का कहीं भी पालन नहीं होता दिखता है. वहीं प्रशिक्षण स्थल पर व्यापक रुप से प्रशिक्षण की माकूल व्यवस्था जैसे बोर्ड कार्ड पेपर, आवश्यक सामग्री के अलावे पानी, शौचालय की व्यवस्था नहीं हो पायी है. जबकि शुंभा, सिमराहा एवं गौड़ाचक ग्रामकचहरी के सरपंच, पंच सचिव का दूसरे दिन का प्रशिक्षण चल रहा था. आखिर ऐसी स्थिति में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को स्वत: ही समझा जा सकता है.
ग्राम कचहरी प्रशिक्षण में एक सरपंच को ट्रेंड कर रहे हैं एक प्रशिक्षक
प्रतिनिधि, अलौलीप्रखंड मुख्यालय स्थित स्वयं सहायता समूह प्रशिक्षण भवन में बुधवार को एक सरपंच को एक प्रशिक्षक द्वारा ग्राम कचहरी का पाठ पढ़ाया जा रहा था. यह स्थिति बुधवार को सुबह 10.30 बजे देखने को मिली. जबकि प्रशिक्षण 9.30 से ही शुरू होकर 5 बजे संध्या तक चलना है. उस समय गौड़ाचक पंचायत के सरपंच […]
