खगडि़या. ड्रग्स इंस्पेक्टर सीमा कुमार इस जिले में पांच वर्षों से पदस्थापित हैं. जानकारी के अनुसार इसके पूर्व वे गोगरी अनुमंडल में पदस्थापित थी. दो सदस्यीय जांच टीम द्वारा दिये गये रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उनके द्वारा पांच वर्षों से दवा व्यवसायियों का भयादोहन किया जा रहा था. डीआइ के इस कारनामे का खुलासा एक महिला के बुलंद हौसले के वजह से हो पाया. उल्लेखनीय है कि यशोदनगर स्थित अनामिका मेडिकल हॉल की संचालिका साधना कुमारी ने ही डीआइ के विरोध में बिगुल फूंका था.-ऐसे बढ़ता गया विवादजैसे ही उक्त मेडिकल हॉल की संचालिका ने डीआइ पर आरोप लगाया कि आएलओ ने डीआइ द्वारा समर्पित किये गये गलत प्रतिवेदन के आधार पर अनामिका मेडिकल हॉल की संचालिका से स्पष्टीकरण पूछ दिया. इसके बाद डीआइ के कारनामे का खुलासा होने लगा. पूछे गये स्पष्टीकरण में डीआइ के जिस प्रतिवेदन को आधार बनाया गया था, उसमें दवा विक्रेता के हस्ताक्षर नहीं थे. इससे विवाद में बढ़ता चला गया.
पांच वर्षों से दवा व्यवसायी थे पीडि़त
खगडि़या. ड्रग्स इंस्पेक्टर सीमा कुमार इस जिले में पांच वर्षों से पदस्थापित हैं. जानकारी के अनुसार इसके पूर्व वे गोगरी अनुमंडल में पदस्थापित थी. दो सदस्यीय जांच टीम द्वारा दिये गये रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उनके द्वारा पांच वर्षों से दवा व्यवसायियों का भयादोहन किया जा रहा था. डीआइ […]
