अलौली: घटना 7 जुलाई 2013 की है. जब अलौली पीएचसी में प्रसव के दो घंटे बाद ही प्रसव कराने आयी आनंदपुर मारन पंचायत के सहोरवा गांव के दीपक रजक की पत्नी उषा देवी ने अपनी पहले संतान को जन्म दिया. इसके बाद ही उसकी मौत हो गयी. बेहतर प्रसव कराने के उद्देश्य से ही अपनी पिता सहसी गांव निवासी रामपुकार रजक के यहां से वह उक्त तिथि को पांच बजे सुबह की आयी थी. हालांकि अस्पताल ने प्रसव पूर्व लगभग एक बजे पंजीयन किया.
प्रसव कक्ष में ही उषा की मृत्यु हो गयी. महादलित द्वारा हंगामा होने की स्थिति देख कर चिकित्सकों द्वारा उसे रेफर कर एंबुलेंस से सदर अस्पताल बेहतर इलाज कह कर भेज दिया गया. दूसरे ही दिन ग्रामीणों द्वारा हंगामा किया गया, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ. मृतका के पिता रामपुकार रजक ने डीएम, एसपी व सीएम से भी घटना की सूचना दी, जिसके बाद मामले की जांच का आदेश सीएम ने दिये. इस पर डीएम ने मामले में जांच का आदेश दे दिया.
बीते 16 जनवरी को प्रभारी सीएस डॉ योगेंद्र सिंह प्रयासी उक्त मामले में जांच को लेकर अलौली पीएचसी ने माथा पच्ची करते रहे. डॉ प्रयासी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता प्रभा कुमारी ए ग्रेड नर्स अंजु कुमारी से लिखित जानकारी ली गयी है. जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही वे कुछ बता सकते हैं.
