बेलदौर/खगड़िया : प्रखंड क्षेत्र में प्रचंड गर्मी व लू के प्रकोप से बचाव को लेकर जिला प्रशासन की पहल के बावजूद भी लोग आदेश कि अनदेखी कर लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं. जिला प्रशासन के आदेश व अंचल प्रशासन की पहल से सरकारी शैक्षणिक संस्थान बंद है, तापमान बढते ही बाजार में सन्नाटा पसर रहा.
प्रचंड गर्मी में पंखा, कूलर व एसी सब बेकार साबित हो रहे हैं. दुकाने खुली रही, लेकिन लोग मौसम के मिजाज को भांप दुकानों मे ही दुबके रहे. ठेला चालक, ऑटो चालक समेत निर्माण कार्य में जुटे मजदूर पसीने से तरबतर होते आदेशों की अनदेखी कर चिलचिलाती धूप में काम करने को विवश थे.
जिला प्रशासन ने लिखित निषेधाज्ञा आदेश जारी कर सरकारी एवं गैर सरकारी निर्माण कार्य, सरकारी व निजी संस्थानों में 11 बजे पूर्वाह्नन से 4 बजे अपराह्न तक कार्य बंद रखने का फरमान जारी कर रखा है. इसके बावजूद निजी संस्थानों में इसकी अनदेखी कर कार्य जारी रखा गया. कुछ निजी शिक्षक संस्थान एवं सरकारी संस्थानों में इसकी जमकर अनदेखी की गयी.
प्रखंड मुख्यालय के पंचायत सरकार भवन की चहारदीवारी का कार्य निर्माण एजेंसी के द्वारा कराया जा रहा है. कार्य को ससमय पूरा करने के लिऐ मजदूर प्रातः 8 बजे से शाम 6 बजे तक कार्य करने में जुटे रहे. निर्माण कार्य में कार्य कर रहे मजदूर करून कुमार, गुलशन कुमार, भूखन कुमार, राहुल कुमार रजक ने बताया कि इस पापी पेट की आग बुझाने के लिए हमें प्रचंड गर्मी में भी काम करना पड़ रहा है.
यदि काम नहीं करेंगे तो बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा. कुछ निजी संस्थान भी सरकारी नियम कायदे को ताक पर रखकर विद्यालय चला रहे थे. बच्चे चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी मे भी पसीने से भींगते पढाई कर रहे थे. इस संबंध मे संबंधित अभिभावकों ने बताया कि स्कूल खुले रहने के कारण मजबूर होकर बच्चे को स्कूल भेजना पड़ता है.
कहते हैं मजदूर
कार्य कर रहे मजदूर भूखंन शर्मा ने बताया कि सुबह 6 बजे से लेकर 11 बजे तक चार दिवारी का काम करते हैं. फिर 4 बजे से लेकर 6 बजे तक कार्य करते हैं. लेकिन कार्य एजेंसी का कहना है कि जब तक 8 घंटे तक कार्य पूरा नहीं करोगे तो तब तक पुरी मजदूरी नहीं मिलेगी. इसके कारण जान जोखिम मे डाल चिलचिलाती धूप मे भी काम करना पडता है. इस संबंध में सीओ अमित कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशानुसार लोगों को सभी आवश्यक हिदायत दे दी गयी है. अंचल प्रशासन नियमों के उल्ल्ंघन करने वालों पर भी पैनी नजर बनाये हुये हैं. यदि नियमों की अनदेखी की गयी तो संबंधित एजेंसी की जिम्मेवारी तय कर कार्रवाई की जायेगी.
