– प्रतिदिन मर रही मुर्गियों को खुले में फेंक दिये जाने से लोग परेशान – मामला दलन पूरब पंचायत के वार्ड नंबर एक की – ग्रामीणों ने की पशुपालन पदाधिकारी से शिकायत कटिहार बढ़ रही गर्मी के बीच जहां लोग परेशान हैं. दूसरी ओर असर अब पशु पक्षियों पर भी पड़ने लगा है. दलन पूरब पंचायत के वार्ड नंबर स्थिति मुर्गी फॉर्म में देखरेख के अभाव में उठ रहीं दुर्गंध से टोले मोहल्ले के लोगों के बीच आक्रोश है. शनिवार को मुर्गी फॉर्म संचालक के विरूद्ध सरपंच एवं पशुपालन पदाधिकारी को एक आवेदन देकर मुर्गी फार्म से होने वाले दुर्गंध एवं मरी मुर्गियों को जैसे तैसे फेंक दिये जाने के कारण कुत्ते व कौए के हवाले करने से ग्रामीणों ने हो रही परेशानी के मद्देनजर इंसाफ की गुहार लगायी है. उनलोगों का कहना है कि गर्मी अधिक पड़ने से मुर्गियां मर रही है. उनलोगों की माने तो इसे बीस से पच्चीस रूपये में पियक्कड़ों के हवाले कर दिये जाते हैं. मुर्गी फॉर्म संचालक की लापरवाही इस तरह है कि मुर्गियों के मर जाने के बाद बिना किसी देखरेख के खुले में फेंक दिया जाता है. उनलोगों का कहना है कि नियमत: इस तरह के मुर्गियों को गढ्ढे कर नमक व चूना डालकर गला दिये जाने का प्रावधान है. इससे आसपास के लोगों को इसके दुर्गंध से निजात मिल जाता है. देखरेख के अभाव में फाॅर्म से निकलने वाली दुर्गंध से सबसे अधिक दिक्कत बच्चे व बुजूर्गों हो होती है. इनलोगों को किसी भयानक बीमारी का डर सताते रहता है. खासकर सांस लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. मुर्गी पालक से जमीन खोदकर मरी मुर्गी को गाड़ने की सवाल पर अक्सर तू- तू, मैं- मैं की नौबत आ जाती है. उनलोगों ने सरपंच व पशु पालक पदाधिकारी से इंसाफ की गुहार लगायी है. जिला पशुपालन पदाधिकारी प्रमोद कुमार मेहता ने बताया कि अब तक उन्हें शिकायत नहीं मिली है. गांव वाले की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो मेडिकल टीम भेजकर जांच करायी जायेगी. साथ ही मुर्गी पालक को नियम व सुरक्षा के मद्देनजर सभी तरह के मानकों को पूरा करने के लिए निर्देश दिया जायेगा.
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