– नाविकों की चांदी पर यात्री जान जोखिम में कटिहार/मनिहारी भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद मनिहारी गंगा घाट अचानक गुलजार हो गया है. झारखंड के साहिबगंज, गोड्डा, दुमका, पाकुड़ और बिहार के कटिहार, पूर्णिया, अररिया, भागलपुर जिला के पीरपैंती, कहलगांव, सन्हौला, शिवनारायणपुर समेत दर्जनों इलाकों के लोग अब मनिहारी से नाव के जरिए गंगा पार कर आवागमन कर रहे हैं. यात्रियों की एकाएक बढ़ी भीड़ से नाविकों की बल्ले-बल्ले हो गई है. लेकिन सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से सफर मौत को दावत दे रहा है. घाट पर लौटी रौनक, दुकानदारों के चेहरे खिले विक्रमशिला पुल बंद होते ही मनिहारी गंगा तट की रौनक कई गुना बढ़ गई है. सुबह से शाम तक घाट पर यात्रियों का हुजूम उमड़ रहा है. भीड़ बढ़ने से घाट पर चाय-नाश्ता, फल और जनरल स्टोर की दुकानें चलाने वालों की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है. कटिहार से मनिहारी आने के लिए लोग ऑटो का सहारा ले रहे हैं. कई यात्री बाइक भी नाव पर लादकर गंगा के उस पार पहुंच रहे हैं और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. जान हथेली पर रखकर सफर, महिलाएं-बुजुर्ग हलकान नाव से गंगा पार करना मजबूरी बन गया है, पर यह सफर बेहद खतरनाक है. नावों पर न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था है और न ही कोई अन्य सुरक्षा इंतजाम. क्षमता से अधिक सवारी बैठाने से हर वक्त बड़े हादसे का डर बना रहता है. सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों, बीमार और वृद्ध यात्रियों को हो रही है. लोग डरे-सहमे सफर कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने नाविकों को ओवरलोडिंग न करने और हर यात्री को लाइफ जैकेट देने का आदेश दिया है. पर घाट पर इस आदेश का कहीं पालन नहीं हो रहा. नाविक मनमानी पर उतारू हैं और प्रशासन की निगरानी नदारद है. स्टीमर सेवा बंद, सरकार को राजस्व का चूना मनिहारी-साहिबगंज के बीच फेरी सेवा के तहत स्टीमर का परिचालन होने से हजारों यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर मिल सकता था. लेकिन इस साल टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण स्टीमर सेवा पूरी तरह बंद है. इससे न सिर्फ यात्रियों को जान जोखिम में डालकर नाव से सफर करना पड़ रहा है, बल्कि राज्य सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर स्टीमर सेवा शुरू की जाय. मनिहारी विधायक ने भी कहा कि अंतरराज्यीय फेरी सेवा शुरू होना वक्त की मांग है. वैकल्पिक मार्ग बना मनिहारी फिलहाल विक्रमशिला पुल की मरम्मत में कितना समय लगेगा, यह तय नहीं है. तब तक मनिहारी गंगा घाट ही सीमांचल और संथाल परगना के लोगों के लिए सबसे बड़ा वैकल्पिक मार्ग बना हुआ है. लेकिन सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से यह लाइफलाइन कभी भी हादसे की वजह बन सकती है.
विक्रमशिला पुल बंद: मनिहारी गंगा घाट बना लाइफलाइन
विक्रमशिला पुल बंद: मनिहारी गंगा घाट बना लाइफलाइन
